Raipur Ganja Smuggling: इंस्टाग्राम पर ओडिशा साग का विज्ञापन, वॉट्सऐप पर सौदा, रेलवे स्टेशन पहुंचते ही दबोचा गया सप्लायर

CG News (रायपुर): Raipur Ganja Smuggling का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसने पुलिस और अभिभावकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर खुलेआम गांजे का विज्ञापन किया जा रहा था और वॉट्सऐप पर मोलभाव कर घर तक डिलीवरी का वादा किया जा रहा था। एक मीडिया टीम के स्टिंग के बाद पुलिस ने शनिवार को ओडिशा से रायपुर पहुंचे एक कथित गांजा सप्लायर को रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया। रविवार को यह मामला सामने आया।
इंस्टाग्राम पर लिखा था, रायपुर में मिलेगा ओडिशा साग
इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में दावा किया गया था कि रायपुर में बढ़िया क्वालिटी का ओडिशा साग उपलब्ध है। यहां ओडिशा साग का मतलब गांजे से था। पोस्ट में अच्छी क्वालिटी, कम कीमत और घर तक डिलीवरी का भी प्रचार किया गया था। मीडिया टीम ने ग्राहक बनकर इस अकाउंट से संपर्क किया। इसके बाद बातचीत वॉट्सऐप पर पहुंची, जहां ओडिशा के टिटलागढ़ में सक्रिय बताए जा रहे एक पैडलर से सौदेबाजी शुरू हुई।
200 ग्राम से शुरू हुई बात, आधा किलो पर पहुंचा सौदा
शुरुआत में आरोपी 200 ग्राम गांजा देने को तैयार हुआ। फिर मात्रा बढ़ाने और कीमत कम करने को लेकर कई बार बात हुई। आखिर में आधा किलो गांजे के लिए 8500 रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपी ने यह भी कहा कि ज्यादा मात्रा में खरीदने पर आगे और सस्ते में माल देगा। करीब एक हफ्ते तक संपर्क में रहने के बाद डिलीवरी की तारीख और जगह तय हुई।
लाइव लोकेशन भेजी, आउटर पर बुलाया
शनिवार दोपहर 1 बजकर 27 मिनट पर आरोपी ने मैसेज कर रायपुर पहुंचने की जानकारी दी। उसने कहा कि उसकी ट्रेन आउटर पर खड़ी है और लाइव लोकेशन भेजकर वहीं आने को कहा। टीम ने आउटर पर जाने से मना कर दिया और उसे स्टेशन आने को कहा। करीब आधे घंटे बाद वह स्टेशन पहुंचा और फोन किया। वहां पहले से सादी वर्दी में मौजूद क्राइम ब्रांच के जवानों ने उसे पकड़ लिया। बाद में आरोपी को राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
पूछताछ में बताया, निजी इस्तेमाल के लिए लाया था
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह गांजा अपने इस्तेमाल के लिए लाया था और पहली बार रायपुर डिलीवरी देने आया था। पुलिस अब उसके दावों, बरामद माल, सप्लाई के मकसद और दूसरे लोगों से उसके संपर्कों की जांच कर रही है। मीडिया टीम ने 8 अक्टूबर को भी इसी पैडलर से हुई बातचीत को सामने रखा था, इसके बावजूद आरोपी सौदा और डिलीवरी करने को तैयार रहा। पूरी प्रक्रिया पुलिस की जानकारी और सहमति से आगे बढ़ाई गई।
ओडिशा में 3 हजार, बाहर 20 हजार तक का भाव
बातचीत में यह भी सामने आया कि ओडिशा में गांजे की कीमत करीब 2000 से 3000 रुपये प्रति किलो बताई जाती है, जबकि दूसरे राज्यों में यह 15000 से 20000 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। यही मोटा मुनाफा तस्करों को छत्तीसगढ़ के रास्ते दूसरे राज्यों तक माल पहुंचाने के लिए उकसाता है। हालांकि इन कीमतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Raipur Ganja Smuggling का दूसरा बड़ा मामला: 85 किलो गांजा जब्त
इसी बीच रायपुर में एक अलग कार्रवाई में सिविल लाइंस पुलिस, एसीसीयू और एंटी नारकोटिक्स टीम ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा के बलांगीर से गांजा लेकर मध्यप्रदेश के तस्करों तक पहुंचाने आए थे। पुलिस ने 85 किलो गांजा और तस्करी में इस्तेमाल कार जब्त की है, जिसकी कुल कीमत करीब 58 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के सागर निवासी अनीश साहू, मंडला निवासी राकेश साहू और महासमुंद निवासी सूरज कलेत शामिल हैं। यह मामला स्टिंग वाले मामले से अलग है।
सोशल मीडिया बना नशे का नया बाजार
दोनों मामलों से साफ है कि ओडिशा से आने वाला गांजा छत्तीसगढ़ को रास्ते की तरह इस्तेमाल कर रहा है और अब तस्कर सोशल मीडिया के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल सबूत, भुगतान का रिकॉर्ड और सप्लाई के स्रोत की जांच अहम होती है। नशे के कारोबार से जुड़ी सूचना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को भी दी जा सकती है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करता है। अगर किसी को सोशल मीडिया पर ऐसी संदिग्ध पोस्ट दिखे, तो उसकी जानकारी छत्तीसगढ़ पुलिस या 112 पर दी जा सकती है।
हाल ही में रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा ऐप के सरगना पर भी बड़ी कार्रवाई की थी। Raipur Ganja Smuggling मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इंस्टाग्राम अकाउंट के पीछे कितने लोग हैं और रायपुर में इसके कितने ग्राहक हैं। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरें यहां पढ़ें।






