Raipur Pink Patrol: गरबा ड्रेस में पंडालों में घूमेंगी महिला पुलिस, मनचलों को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी

Raipur Pink Patrol: Raipur Pink Patrol अब नवरात्रि के गरबा और डांडिया पंडालों में अलग अंदाज में तैनात होगी। राजधानी में महिलाओं, युवतियों और बच्चियों की सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने खास इंतजाम किए हैं। पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला पुलिसकर्मी वर्दी की जगह गरबा ड्रेस पहनकर आम लोगों के बीच रहेंगी और अंडरकवर ऑपरेशन चलाएंगी। मकसद साफ है, जो लोग त्योहार की भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं से बदसलूकी करते हैं, उन्हें मौके पर ही पकड़ा जाए।
पंडाल के अंदर और गेट पर रहेगी नजर
पुलिस के मुताबिक पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला पुलिसकर्मी गरबा पंडालों के भीतर और प्रवेश द्वारों पर आम नागरिकों की तरह मौजूद रहेंगी। वे भीड़ में घुल मिलकर ऐसे लोगों पर नजर रखेंगी, जो किसी गलत इरादे से घूम रहे हों। पुलिस ने इन हरकतों को खास तौर पर निशाने पर रखा है:
- महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़
- फब्तियां कसना और भद्दे इशारे करना
- बिना इजाजत फोटो खींचना या वीडियो बनाना
- भीड़ में अभद्रता की नीयत से घूमना
ऐसे लोगों को रंगे हाथ पकड़कर तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंडालों तक जाने वाले रास्तों पर भी संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखी जाएगी।
Raipur Pink Patrol की गाड़ियां लगातार करेंगी गश्त
सादे कपड़ों में तैनाती के साथ साथ कार्यक्रम स्थलों के आसपास पेट्रोलिंग वाहन भी लगातार गश्त करेंगे। इससे किसी भी सूचना पर पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच सकेगी। पिंक पेट्रोल यूनिट के जरिए त्वरित रिस्पॉन्स की व्यवस्था की गई है, ताकि शिकायत मिलते ही मदद पहुंचे।
इन नंबरों पर दें सूचना, पहचान रहेगी गोपनीय
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अपील की है कि अगर गरबा पंडाल या शहर के किसी भी इलाके में छेड़छाड़, संदिग्ध गतिविधि, कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना हो, तो तुरंत सूचना दें:
- पिंक पेट्रोल यूनिट हेल्पलाइन: 9479210932
- आपातकालीन नंबर: 112
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कानून में क्या है सजा का प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता में महिलाओं से बदसलूकी के मामलों के लिए अलग अलग धाराएं तय हैं। लज्जा भंग करने की नीयत से हमला, यौन उत्पीड़न, ताक झांक, पीछा करना और शब्दों या इशारों से अपमान, ये सभी दंडनीय अपराध हैं। किसी महिला की निजी तस्वीर या वीडियो उसकी मर्जी के बिना बनाना और फैलाना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। यानी पंडाल में की गई एक छोटी सी हरकत भी आरोपी को जेल तक पहुंचा सकती है।
क्यों जरूरी पड़ा यह कदम
नवरात्रि के आखिरी दिनों में रायपुर के गरबा पंडालों में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। रविवार को महाअष्टमी है और इसके बाद महानवमी और दशहरा के कारण शहर में देर रात तक चहल पहल रहेगी। राजधानी में इस बार कई बड़े गरबा आयोजन हो रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और फिल्मी सितारे तक पहुंच रहे हैं। ऐसी भीड़ में वर्दीधारी पुलिस को देखकर शरारती तत्व सतर्क हो जाते हैं, लेकिन सादे कपड़ों में तैनात महिला पुलिस को पहचानना मुश्किल होता है। इसी वजह से इस बार अंडरकवर तरीका अपनाया गया है।
शनिवार को कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद देशभर में पंडालों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बड़े आयोजनों में पुलिस की मौजूदगी और त्वरित रिस्पॉन्स की अहमियत और बढ़ गई है।
गरबा में जाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
- देर रात लौटते समय अकेले जाने के बजाय परिवार या दोस्तों के साथ निकलें।
- मोबाइल में 112 और पिंक पेट्रोल हेल्पलाइन का नंबर सेव रखें।
- कोई आपत्तिजनक वीडियो बनाते दिखे या पीछा करे, तो पास मौजूद पुलिस या आयोजक को तुरंत बताएं।
- बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें और प्रवेश व निकास के रास्ते पहले से देख लें।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सभी नागरिकों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि वे बिना डर के त्योहार का आनंद लें। महिला सुरक्षा से जुड़ी दूसरी जानकारी छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जबकि महिलाओं के अधिकारों और शिकायत से जुड़ी जानकारी राष्ट्रीय महिला आयोग पर भी मिल सकती है।
तेजी से बदलती राजधानी रायपुर में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती बनती जा रही है। Raipur Pink Patrol की यह पहल कितनी कारगर रहती है, इसका पता आने वाले दिनों में चलेगा। छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर के लिए जनदखल से जुड़े रहें।






