बिलासपुर-टाटानगर समेत कई ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में रद्द, 13 अक्टूबर तक चलेगा रेल ब्लॉक

रेल यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट
बिलासपुर। सितंबर के आखिरी सप्ताह और अक्टूबर में ट्रेन से यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में पांचवीं रेल लाइन को चालू करने से जुड़े कार्य के कारण कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। Bilaspur Train Cancelled 2026 अपडेट के मुताबिक बंदामुंडा केबिन-ए और राउरकेला क्षेत्र में चरणबद्ध नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 25 सितंबर से 13 अक्टूबर तक किया जाना है। इसी वजह से बिलासपुर-टाटानगर सहित कई सेवाएं निर्धारित तारीखों पर रद्द रहेंगी।
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि सभी प्रभावित ट्रेनें पूरे 19 दिन बंद नहीं हैं। अलग-अलग ट्रेन नंबरों के लिए अलग तारीख तय की गई है। इसलिए केवल ट्रेन का नाम देखकर यात्रा रद्द करने के बजाय अपने यात्रा दिवस के अनुसार ट्रेन की स्थिति जांचना आवश्यक है।
बिलासपुर-टाटानगर सेवा पर असर
रिपोर्ट के अनुसार 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 25 से 30 सितंबर के साथ अक्टूबर की कई तारीखों में प्रभावित रहेगी। 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस के लिए भी 26 सितंबर से अक्टूबर मध्य तक अलग-अलग रद्दीकरण तारीख दी गई हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर सेवा भी कई दिनों तक प्रभावित होगी।
इसके अलावा नांदेड़-सांतरागाछी, हटिया-दुर्ग, बिलासपुर-बक्सर, हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, हावड़ा-मुंबई दुरंतो और आरा-दुर्ग जैसी सेवाओं के कुछ फेरे भी कार्य अवधि में रद्द बताए गए हैं। इसका प्रभाव केवल बिलासपुर के यात्रियों पर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ से झारखंड, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य क्या होता है
रेलवे में नई लाइन, यार्ड या सिग्नलिंग व्यवस्था को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के दौरान कई तकनीकी चरण पूरे किए जाते हैं। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य इन्हीं चरणों में शामिल होता है। जब ट्रैक और सिग्नलिंग प्रणाली में बदलाव किया जाता है, तब कुछ समय के लिए ट्रेनों की सामान्य आवाजाही सीमित करनी पड़ सकती है।
सुरक्षा कारणों से रेलवे इस तरह के काम के दौरान यात्री और मालगाड़ियों को रद्द, नियंत्रित या दूसरे मार्ग से चला सकता है। काम पूरा होने के बाद नई लाइन परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है, लेकिन निर्माण और कमीशनिंग के दौरान अस्थायी असुविधा होती है।
यात्री टिकट है तो क्या करें
जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखा है, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम अपने PNR और ट्रेन नंबर की स्थिति यात्रा से पहले दोबारा देखना है। रेलवे की समय-सारिणी में तकनीकी कार्य के कारण बाद में भी परिवर्तन संभव होते हैं।
रद्द ट्रेन के टिकट से संबंधित रिफंड नियम टिकट बुकिंग के माध्यम और रेलवे के लागू नियमों के अनुसार चलते हैं। ऑनलाइन टिकट वाले यात्रियों को अपनी बुकिंग स्थिति आधिकारिक माध्यम से देखनी चाहिए। स्टेशन से खरीदे गए टिकट के मामले में संबंधित रेलवे काउंटर से जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
त्योहारों से पहले बढ़ सकती है परेशानी
सितंबर के अंत और अक्टूबर में त्योहारी यात्राएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे समय किसी प्रमुख रेल मार्ग पर कई सेवाओं का प्रभावित होना दूसरी ट्रेनों पर यात्री दबाव बढ़ा सकता है। रद्द ट्रेन के यात्रियों द्वारा वैकल्पिक सेवा चुनने के कारण प्रतीक्षा सूची भी बढ़ सकती है।
इसी वजह से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए वैकल्पिक ट्रेन या यात्रा दिवस पहले से तय रखना बेहतर होगा। खासकर ऐसे यात्रियों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें दूसरी ट्रेन, फ्लाइट या किसी समयबद्ध कार्यक्रम से कनेक्ट करना हो।
13 अक्टूबर के बाद भी तारीख जांचना जरूरी
रेल ब्लॉक का कार्य 13 अक्टूबर तक बताया गया है, लेकिन कुछ ट्रेनों की रद्द तारीख 14 अक्टूबर तक भी सूचीबद्ध है क्योंकि संबंधित रेक दूसरे स्टेशन से अगली तारीख को रवाना होते हैं। उदाहरण के लिए कुछ वापसी सेवाएं 14 अक्टूबर को प्रभावित बताई गई हैं।






