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Chhattisgarh High Court Chief Justice: जस्टिस केआर मोहपात्रा के नाम की सिफारिश, 4 सितंबर को रिटायर होंगे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नेतृत्व में जल्द बदलाव हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने Chhattisgarh High Court Chief Justice पद के लिए ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा के नाम की सिफारिश की है। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके बाद नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर न्यायमूर्ति मोहपात्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल न्यायमूर्ति मोहपात्रा के नाम की सिफारिश हुई है। इसे औपचारिक नियुक्ति आदेश नहीं माना जाना चाहिए। नियुक्ति से संबंधित आगे की संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पदभार ग्रहण करने की स्थिति स्पष्ट होगी।

6 अगस्त की कॉलेजियम बैठक में हुआ था फैसला

उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश का निर्णय लिया गया था।

इस घटनाक्रम का सीधा संबंध मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की आगामी सेवानिवृत्ति से है। उनका कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट के अगले प्रशासनिक प्रमुख के नाम को लेकर न्यायिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

कौन हैं जस्टिस केआर मोहपात्रा?

न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा का पूरा नाम Krushna Ram Mohapatra है। उनका जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की और इसके बाद कानून के पेशे में प्रवेश किया।

उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। हाईकोर्ट जज बनने से पहले उनका वकालत का करीब 26 वर्षों का लंबा अनुभव रहा। इस दौरान उन्होंने सिविल, सर्विस, क्रिमिनल और संवैधानिक कानून सहित कानून की कई शाखाओं में काम किया।

यह विस्तृत पेशेवर अनुभव महत्वपूर्ण है क्योंकि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका केवल मामलों की सुनवाई तक सीमित नहीं रहती। मुख्य न्यायाधीश पर न्यायालय के प्रशासन, पीठों के गठन और कई संस्थागत जिम्मेदारियों का दायित्व भी होता है।

ओडिशा सरकार और लोक सेवा आयोग के लिए भी की वकालत

न्यायमूर्ति मोहपात्रा ने अधिवक्ता रहते हुए ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी काम किया। इसके अलावा विभिन्न सहकारी बैंकों और दूसरे संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने का अनुभव भी उनके पेशेवर रिकॉर्ड में शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे संस्थानों के लिए भी अधिवक्ता के रूप में काम किया था।

इस तरह उनका कानूनी अनुभव सरकारी सेवा मामलों से लेकर संस्थागत, बैंकिंग और दूसरे कानूनी क्षेत्रों तक फैला रहा है।

2015 में बने ओडिशा हाईकोर्ट के जज

लंबे समय तक वकालत करने के बाद न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। इसके बाद से वे हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।

अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले उनके ओडिशा हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट स्थानांतरण की सिफारिश से जुड़ा निर्णय लिया था। अब उनके नाम को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में सामने रखा गया है।

चीफ जस्टिस की नियुक्ति में आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है। संबंधित संवैधानिक औपचारिकताओं के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी होती है। औपचारिक आदेश आने और शपथ ग्रहण के बाद ही नया मुख्य न्यायाधीश कार्यभार संभालता है।

इसलिए फिलहाल सही तथ्य यह है कि न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा के नाम की सिफारिश की गई है, न कि उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है।

4 सितंबर के बाद हाईकोर्ट में बदलाव

मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सेवानिवृत्ति 4 सितंबर 2026 को निर्धारित है। इसके चलते छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शीर्ष स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में है।

यदि आवश्यक नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो न्यायमूर्ति मोहपात्रा आगामी दिनों में बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की कमान संभाल सकते हैं। औपचारिक नियुक्ति और शपथ की तारीख के लिए संबंधित आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार रहेगा।

जस्टिस केआर मोहपात्रा: एक नजर में

  • जन्म: 18 अप्रैल 1965
  • शिक्षा: BA, LLB
  • अधिवक्ता के रूप में नामांकन: 7 फरवरी 1988
  • बार में अनुभव: लगभग 26 वर्ष
  • ओडिशा हाईकोर्ट में जज बने: 17 अप्रैल 2015
  • प्रस्तावित नई जिम्मेदारी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
  • वर्तमान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सेवानिवृत्ति: 4 सितंबर 2026

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