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Chhattisgarh Monsoon Alert: प्रदेश भर में झमाझम बारिश, 17 जिलों में भारी वर्षा का ‘येलो अलर्ट’ जारी

Chhattisgarh Monsoon Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) की वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने एक ताजा Chhattisgarh Monsoon Alert जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही, अगले पांच दिनों तक पूरे राज्य में वर्षा की गतिविधियां इसी तरह जारी रहने के मजबूत संकेत हैं। मानसून की इस सक्रियता से जहां एक ओर उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है।

17 जिलों में गरज-चमक के साथ ‘येलो अलर्ट’

मौसम विभाग ने स्थिति का बारीकी से आकलन करते हुए प्रदेश के 17 से अधिक जिलों के लिए आधिकारिक तौर पर येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

अलर्ट वाले प्रमुख जिले: सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, दुर्ग और बेमेतरा। प्रशासन ने इन जिलों के स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी है।

पिछले 24 घंटों का हाल: बिलासपुर संभाग में अत्यधिक बारिश

बीते 24 घंटों के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें, तो राज्य के सभी संभागों में कहीं न कहीं अच्छी बारिश दर्ज की गई है। विशेष रूप से बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा हुई है, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

प्रमुख स्थानों पर दर्ज की गई बारिश के आंकड़े:

  • सारंगढ़: पूरे प्रदेश में सर्वाधिक 14 सेंटीमीटर बारिश यहीं रिकॉर्ड की गई।
  • लाल बहादुर नगर: यहां 11 सेंटीमीटर बारिश हुई है।
  • सरायपाली, बड़े बचेली और कुसमी: इन स्थानों पर 10-10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
  • चिरमिरी और डौंडीलोहारा: इन दोनों इलाकों में 9-9 सेंटीमीटर पानी गिरा।
  • अन्य क्षेत्र: इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी औसतन 2 से 7 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

तापमान में गिरावट और राजधानी रायपुर का मौसम

लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान अंबिकापुर में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां दिनभर बादलों का डेरा रहा और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रायपुर में शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। शहर और इसके आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

किसानों के लिए राहत, नदी-नालों का बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश का यह दौर खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है। मानसून की इस सक्रियता से खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई छोटे-बड़े नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

इस Chhattisgarh Monsoon Alert के बीच आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी पूरी तरह मुस्तैद हैं। निचले इलाकों (Low-lying areas) में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान वे खुले में न रहें और पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें।

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