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Stock Market Update: दिन के निचले स्तर से Sensex की शानदार रिकवरी, Nifty 23,600 के पार, जानें वापसी के अहम कारण

Sharp Market Recovery:मुंबई। भारतीय शेयर बाजार (Indian Equity Markets) में भारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने राहत की सांस ली है। शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने के बाद दलाल स्ट्रीट में जबरदस्त बाइंग (Value Buying) लौटी, जिसके दम पर बेंचमार्क इंडेक्स हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। सेंसेक्स ने अपने इंट्रा-डे लो (Intra-day Low) से 900 अंकों से ज्यादा की शानदार रिकवरी करते हुए बाजार को एक पॉजिटिव क्लोजिंग दी है।

सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा क्लोजिंग अपडेट

शुरुआती बिकवाली के दबाव को पीछे छोड़ते हुए शेयर बाजार ने एक मजबूत कमबैक किया:

  • सेंसेक्स (BSE Sensex): 77.05 अंकों की बढ़त के साथ सेंसेक्स 75,315.04 के स्तर पर बंद हुआ।
  • निफ्टी (NSE Nifty 50): 6.45 अंकों की मामूली लेकिन अहम बढ़त के साथ निफ्टी 23,649.95 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

किन शेयरों ने दिया बाजार को सहारा? (Top Gainers & Losers)

बाजार की इस शानदार रिकवरी का पूरा श्रेय आईटी (IT Sector) और बैंकिंग शेयरों को जाता है।

  • टॉप गेनर्स: टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में सबसे ज्यादा 4.97% का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद इन्फोसिस (Infosys) 2.15%, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) 1.74%, बजाज फिनसर्व 1.37% और एचसीएल टेक 1.24% की मजबूती के साथ बंद हुए।
  • टॉप लूजर्स: दूसरी ओर, मेटल और पावर सेक्टर पर दबाव दिखा। टाटा स्टील (Tata Steel) में सबसे ज्यादा 3.21% की गिरावट आई। पावर ग्रिड, एनटीपीसी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भी लाल निशान में बंद हुए।

बाजार में इस ‘Sharp Recovery’ के 3 मुख्य कारण

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, विपरीत वैश्विक परिस्थितियों (Global Cues) के बावजूद भारतीय बाजार में इस रिकवरी के पीछे ये प्रमुख कारण रहे:

  1. आईटी और बैंकिंग में वैल्यू बाइंग: शुरुआती गिरावट के बाद आईटी और बैंकिंग सेक्टर के अच्छे शेयरों का वैल्यूएशन आकर्षक हो गया था, जिससे निवेशकों ने जमकर ‘डिप बाइंग’ (Buying on Dips) की।
  2. सकारात्मक अर्निंग्स सीजन: कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों (Corporate Earnings) ने बाजार को एक रचनात्मक दृष्टिकोण (Constructive Narrative) प्रदान किया है।
  3. सिस्टेमैटिक एलोकेशन रणनीति: विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली, अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Stalemate) और ऊंचे कच्चे तेल की कीमतों जैसी चिंताओं के बावजूद, घरेलू निवेशकों ने एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स (जैसे IT) में चरणबद्ध तरीके से पैसा लगाना जारी रखा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू फंडामेंटल्स के कारण बाजार ने यह वापसी की है, हालांकि बढ़ते बॉन्ड यील्ड्स और कमजोर होते रुपये को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

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