Asha Workers Salary:रायपुर में भारतीय मजदूर संघ का ‘महाधरना’: आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और रसोइयों का मानदेय बढ़ाने पर सरकार ने दिया आश्वासन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तूता में गुरुवार को ‘भारतीय मजदूर संघ’ (Bhartiya Mazdoor Sangh) की राज्य इकाई ने प्रदेश भर के श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर एक विशाल महाधरना (Protest) एवं प्रदर्शन किया।
इस महाधरने के बाद संघ के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस चर्चा के दौरान सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Workers), सहायिका, मितानिन/आशा कार्यकर्ता (Asha Workers), और मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) रसोइया सहित अन्य योजना कर्मियों के मानदेय (Salary/Honorarium) में वृद्धि करने का सकारात्मक आश्वासन दिया गया।
सम्मानजनक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की उठ रही मांग(Asha Workers Salary)
गौरतलब है कि भारतीय मजदूर संघ पिछले काफी लंबे समय से राज्य के योजना कर्मियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक मानदेय और उनकी सेवा से जुड़ी अन्य कई गंभीर समस्याओं को लेकर सरकार के समक्ष अपनी आवाज उठाता रहा है। गुरुवार के इस महाधरना प्रदर्शन में भी इन्हीं प्रमुख मुद्दों को पूरे जोर-शोर से उठाया गया।
सरकार ने दिया क्रमबद्ध चर्चा का भरोसा
प्रदर्शन के बाद हुई चर्चा में सरकार के प्रतिनिधियों ने संघ को भरोसा दिलाया कि महाधरना में उठाई गई सभी मांगों और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले दिनों में भारतीय मजदूर संघ एवं इससे जुड़े संबंधित महासंघों के प्रतिनिधियों के साथ क्रमबद्ध (Step-by-Step) तरीके से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लेने का भी ठोस आश्वासन दिया गया है।
24 सितंबर को CM की बैठक में भी उठा था मुद्दा
इससे पहले, 24 सितंबर को भी भारतीय मजदूर संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) के साथ एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा श्रम मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री और वित्त मंत्री भी मौजूद थे। उस बैठक में भी श्रमिकों और योजना कर्मियों से जुड़ी इन समस्याओं को विस्तार से रखा गया था। समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान के लिए सरकार की ओर से एक ‘मंत्रिस्तरीय उपसमिति’ के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था।
चर्चा में ये लोग रहे मौजूद
गुरुवार को धरना स्थल के बाद हुई इस अहम चर्चा में राज्य सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव (Gajendra Yadav), श्रम सचिव और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से क्षेत्र संगठन मंत्री सी.वी. राजेश, अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल, अखिल भारतीय सह-उद्योग प्रभारी दिनेश कुमार पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव और प्रदेश महामंत्री शंखध्वनि बनाफर सहित विभिन्न महासंघों के कई प्रतिनिधि शामिल हुए।
‘जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा’
चर्चा के बाद भारतीय मजदूर संघ ने बयान जारी करते हुए कहा कि योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का आश्वासन मिलना उनके लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, संगठन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक महाधरना में उठाई गई सभी अन्य लंबित मांगों का पूरी तरह से समाधान नहीं हो जाता, तब तक सरकार के साथ संवाद और सड़क पर संघर्ष, दोनों ही माध्यमों से श्रमिक हितों की आवाज मजबूती से उठाई जाती रहेगी।






