Chhattisgarh UCC Committee 2026: छत्तीसगढ़ में यूसीसी की तैयारी शुरू, सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज को सौंपी अध्यक्षता

छत्तीसगढ़ सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (Chhattisgarh UCC Committee 2026) का प्रारूप तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यालय ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी अधिसूचना जारी की।
समिति में कौन हैं
समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है। (Chhattisgarh UCC Committee 2026) वे इससे पहले उत्तराखंड में भी यूसीसी का प्रारूप तैयार करने वाली समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा वे परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रही हैं और अक्टूबर 2025 में उन्हें आठवें वेतन आयोग का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। इस भूमिका में वे देश की पहली महिला हैं जिन्हें वेतन आयोग की अध्यक्षता मिली।
समिति के अन्य सदस्यों में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह शामिल हैं।
समिति क्या काम करेगी
यह समिति छत्तीसगढ़ में मौजूदा व्यक्तिगत कानूनों की स्थिति का अध्ययन करेगी। (Chhattisgarh UCC Committee 2026) विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने की सिफारिश करेगी। नागरिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और समाज के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लिए जाएंगे। सुझाव वेब पोर्टल के जरिए भी लिए जा सकते हैं। अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के बाद समिति पूरा प्रारूप राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।
देश में यूसीसी का बड़ा होता दायरा
उत्तराखंड ने 2 जनवरी 2025 को यूसीसी लागू करके देश में यह कदम उठाने वाला पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद गुजरात विधानसभा ने मार्च 2026 में यूसीसी बिल 2026 पारित किया और उत्तराखंड के बाद यह कदम उठाने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया। इसी कड़ी में असम सरकार ने मई 2026 में राज्य विधानसभा में आधिकारिक तौर पर यूसीसी विधेयक पेश कर दिया। अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ चुका है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और यूसीसी पार्टी के मूल चुनावी वादों में शामिल रहा है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिलेगी और फिर इसे विधानसभा में रखा जाएगा। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है तो छत्तीसगढ़ यूसीसी कानून पारित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।






