Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की दहलीज पर अटका मानसून, 16 राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ा

दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon 2026) की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी पड़ गई है। चिलचिलाती गर्मी से राहत की उम्मीद लगाए बैठे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 16 राज्यों के लोगों का इंतजार अब थोड़ा और बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों को कवर करने के बाद मानसूनी गतिविधियां कमजोर हो गई हैं, जिससे मानसून का आगे बढ़ना थम गया है।
कहाँ तक पहुंचा मानसून और किसे है इंतजार?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जून 2026 तक मानसून केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों को कवर कर चुका है। वहीं, 15 जून 2026 को यह आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ा है। लेकिन छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत 16 राज्यों के लोगों को झमाझम बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।
MP और छत्तीसगढ़ में कब होगी मानसून की एंट्री?
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक 13 जून और मध्य प्रदेश में 15 जून तक हो जाती है। लेकिन इस साल रफ्तार थमने के कारण मानसून छत्तीसगढ़ की दहलीज पर आकर अटक गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों के दौरान यह छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। वहीं, मध्य प्रदेश में अब मानसून 18-19 जून के आसपास दस्तक दे सकता है।
प्री-मानसून एक्टिविटी से मिलेगी राहत
भले ही मुख्य मानसून में देरी हो रही है, लेकिन दोनों राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह एक्टिव हैं। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी तरह, मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों (भोपाल, सागर, रायसेन आदि) में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है, हालांकि कुछ जिलों में तेज धूप भी खिली रहेगी।






