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IND vs SL: सोनल दिनुषा ने रचा इतिहास; फॉलोऑन के बाद जड़े लगातार 2 शतक, भारत की जीत की उम्मीदों पर फेरा पानी

IND vs SL: भारत और श्रीलंका (India vs Sri Lanka) के बीच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच आखिरकार ड्रॉ पर समाप्त हो गया है। भारतीय टीम इस मैच को जीतने के बेहद करीब थी, लेकिन श्रीलंका के 25 वर्षीय युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा (Sonal Dinusha) ने भारतीय गेंदबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

फॉलोऑन (Follow-on) का सामना कर रही श्रीलंकाई टीम को दिनुषा ने अपनी ऐतिहासिक बल्लेबाजी के दम पर हार से बचा लिया। उन्होंने मैच की दोनों पारियों में शानदार शतक जमाया और भारतीय क्रिकेट इतिहास के दिग्गज विजय हजारे (Vijay Hazare) के एक बेहद खास और दुर्लभ रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • सोनल दिनुषा का महा-रिकॉर्ड: फॉलोऑन वाले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने।
  • भारत के खिलाफ पहली बार: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ किसी बल्लेबाज ने पहली बार किया यह कारनामा।
  • मैच का नतीजा: दिनुषा की मैराथन पारी (133*) के चलते कोलंबो टेस्ट ड्रॉ रहा।
  • सीरीज पर भारत का कब्जा: मैच ड्रॉ होने के बावजूद भारत ने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की।

दिनुषा ने विजय हजारे और एंडी फ्लावर के क्लब में मारी एंट्री

सोनल दिनुषा अब टेस्ट क्रिकेट के उस एलीट और दुर्लभ क्लब का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें उनके अलावा सिर्फ दो ही नाम शामिल हैं। वह क्रिकेट इतिहास के मात्र तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने उस टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया है जिसमें उनकी टीम को फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा हो।

दिनुषा से पहले यह कारनामा सिर्फ इन दो दिग्गजों ने किया था:

  1. विजय हजारे (भारत): 1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में फॉलोऑन खेलते हुए हजारे ने पहली पारी में 116 और दूसरी पारी में 145 रन बनाए थे। (हालांकि भारत वह मैच हार गया था)
  2. एंडी फ्लावर (जिम्बाब्वे): 2001 में हरारे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फॉलोऑन खेलते हुए फ्लावर ने 142 और नाबाद 199 रन बनाए थे।

भारत के खिलाफ पहली बार: टेस्ट इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी बल्लेबाज ने भारतीय टीम के खिलाफ फॉलोऑन मिलने के बावजूद मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ा है।

चोट के बावजूद दिनुषा का जुझारूपन, पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ की अहम साझेदारी

कोलंबो टेस्ट में दिनुषा का प्रदर्शन उनके जुझारूपन की मिसाल बन गया। मैच के पांचवें दिन पैर में जकड़न (Cramps) से जूझने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

  • पहली पारी: दिनुषा ने पहली पारी में 162 गेंदों का सामना करते हुए 103 रन बनाए थे, जिसके बावजूद श्रीलंका 290 रनों पर सिमट गई थी।
  • दूसरी पारी का संघर्ष: फॉलोऑन के बाद जब 65वें ओवर में निरोशन डिकवेला के रूप में श्रीलंका का छठा विकेट गिरा, तब दिनुषा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने स्वीप शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए भारतीय स्पिनरों को बेअसर कर दिया।
  • दिनुषा ने 264 गेंदों का सामना किया और 8 चौकों व 2 छक्कों की मदद से नाबाद 133 रन बनाए।

उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर भारत को विकेट के लिए तरसा दिया। दिनुषा ने सातवें विकेट के लिए केशारा नुवांता (150 गेंदों में 46 रन) के साथ 112 रनों की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने लाहिरू कुमारा (90 गेंदों में 12 रन) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन जोड़े।

मैच ड्रॉ, लेकिन भारत ने जीती सीरीज

मैच के आंकड़ों की बात करें तो, भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के विशाल स्कोर पर घोषित की थी। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रनों पर सिमटी, जिससे भारत को 213 रनों की भारी बढ़त मिली।

भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन दिया, लेकिन दूसरी पारी में जब श्रीलंका का स्कोर 429/9 पर पहुंचा, तब दोनों टीमें मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। कोलंबो टेस्ट भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन भारतीय टीम ने इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-0 से अपने नाम कर लिया है।

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