Shashi Tharoor Controversy: जम्मू-कश्मीर और PM मोदी पर बयानों से घिरे शशि थरूर, अपनी ही पार्टी के नेताओं ने खोला मोर्चा

नई दिल्ली: अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) एक बार फिर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर उनका एक पोस्ट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में दिया गया उनका बयान है। पार्टी नेताओं की तीखी आलोचना के बाद थरूर ने अपनी सफाई भी पेश की है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात पर क्या बोले थरूर?
हाल ही में शशि थरूर ने श्रीनगर के लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की। जब मैं वहां पहुंचा, तो वह कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे। अब भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”
J&K कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
थरूर के इस ‘सकारात्मक’ पोस्ट पर जम्मू और कश्मीर कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने थरूर को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें सच्चाई जानने के लिए आम लोगों से मिलना चाहिए था। रविंद्र शर्मा ने लिखा:
- “कश्मीर के लोग आपसे मिलने की उम्मीद कर रहे थे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझा जा सके।”
- “कम से कम अपनी पार्टी के उन लोगों से मिलने का समय तो निकाल लेते, जो 7 साल पहले हमसे छीने गए राज्य के दर्जे के लिए लड़ रहे हैं।”
PM मोदी की तारीफ पर पवन खेड़ा का तीखा तंज
इससे पहले शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने (PM मोदी ने) भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से मजबूती से अवगत कराया है।
इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने थरूर पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा:
“मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की पीएम मोदी के प्रति प्रशंसा अब भौतिक दुनिया की सीमाओं से आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”
खेड़ा ने तथ्यों का हवाला देते हुए कहा:
- जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी–ट्रंप बैठक पर विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति में तीन भारतीय नाविकों की हत्या या ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले का कोई जिक्र नहीं है।
- उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हम बाकी लोग सामान्य मानवीय इंद्रियों तक सीमित हैं, लेकिन महामानव मोदी के भक्तों को, वह जितना कम बोलते हैं, उतना ही अधिक सुनाई देता है।”
विवाद बढ़ने पर शशि थरूर ने दी सफाई
अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा चौतरफा घिरने के बाद शशि थरूर ने स्पष्टीकरण देते हुए एक और पोस्ट किया। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने पर हैरानी जताई।
थरूर की सफाई के मुख्य बिंदु:
- “मुझे आश्चर्य है कि भारतीय नागरिकों (नाविकों) की सुरक्षा से जुड़ा बयान दलगत राजनीति में घसीटा जा रहा है।”
- “मेरी टिप्पणी हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत पर आधारित थी कि नागरिक नाविक कभी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनने चाहिए।”
- “यदि कुछ लोग इस पर गंभीरता से विचार करने के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने में रुचि रखते हैं, तो यह उनके बारे में बताता है, मेरे बारे में नहीं। हमें भारतीय नागरिकों की जान की चिंता एकजुट होकर करनी चाहिए।”
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