Ratanpur Mahamaya Temple:रतनपुर महामाया मंदिर में 7वीं रात उमड़ेगा आस्था का सैलाब, महिला पुलिस अफसरों के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी

Ratanpur Mahamaya Temple: शारदीय नवरात्र के अवसर पर बिलासपुर के रतनपुर स्थित मां महामाया देवी के दरबार में आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। नवरात्र की 7वीं रात को बिलासपुर और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों की इस भारी भीड़ और पदयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कमान महिला पुलिस अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है।
महिला अफसरों के हाथ में कमान(Ratanpur Mahamaya Temple)
रतनपुर में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने विशेष निर्देश जारी किए हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मधुलिका सिंह और कोटा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) नूपुर उपाध्याय कर रही हैं।
- पदयात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है।
- मंदिर परिसर में एंट्री और एग्जिट के लिए विशेष गेट बनाए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो।
जमीन पर फोर्स और आसमान में 3रा नेत्र
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस ने 2 स्तरीय योजना बनाई है ताकि कोई भी चूक न हो।
- जमीन पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं जो भीड़ को नियंत्रित करेंगे और यातायात सुगम बनाएंगे।
- आसमान से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, जो पुलिस के 3रे नेत्र के रूप में काम करेंगे।
- ड्रोन के जरिए पूरे मेला क्षेत्र, रास्तों और आसपास के इलाकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी सख्त नजर
सुरक्षा प्रभारी ASP मधुलिका सिंह और DSP नूपुर उपाध्याय ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 1000 से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। महामाया मंदिर के अलावा भैरव बाबा, लखनी देवी और राम टेकरी मंदिरों में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 7वीं रात को विशेष निगरानी दल सक्रिय रहेंगे। ड्रोन कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति श्रद्धालुओं को परेशान करता है या किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यही है कि भक्तों का यह आस्था का सफर पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें मां के दर्शन में कोई परेशानी न हो।






