Rahul Gandhi vs PM Modi: ‘लड़कों की गाली पर चुप्पी, लड़कियों पर कल्चर शॉक?’; राहुल गांधी ने ‘मनुस्मृति मानसिकता’ को लेकर पीएम मोदी को घेरा

Rahul Gandhi vs PM Modi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर जोरदार हमला बोला। जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हुए प्रदर्शन के दौरान लड़कियों द्वारा अपशब्दों के प्रयोग पर पीएम मोदी की हालिया टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी ने कड़ा ऐतराज जताया है।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी की आलोचना की और इसे ‘मनुस्मृति मानसिकता’ (Manusmriti Mindset) करार दिया। उन्होंने देश की लड़कियों से आह्वान किया कि वे एक साथ आएं और इस पितृसत्तात्मक सोच को उखाड़ फेंकें।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- राहुल का पलटवार: पीएम मोदी के ‘कल्चर शॉक’ वाले बयान पर राहुल गांधी ने जताई कड़ी आपत्ति।
- दोहरे मापदंड पर सवाल: “लड़के गाली दें तो चलता है, लड़कियां दें तो कल्चर शॉक कैसे हो गया?”
- मनुस्मृति मानसिकता: राहुल ने कहा- महिलाओं को पिंजरे में रखने और नियंत्रित करने की सोच गलत है।
- लड़कियों से आह्वान: नेता प्रतिपक्ष ने कहा- “किसी की बेटी, पत्नी या मां होना ही आपकी पहचान नहीं है।”
पीएम मोदी का वीडियो दिखाकर पूछा सवाल
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी का वह वीडियो चलाया, जिसे प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर साझा किया था। इस वीडियो में पीएम मोदी ने कहा था कि जंतर-मंतर पर उनके और उनकी मां के खिलाफ भद्दी टिप्पणियां की गईं। पीएम ने आश्चर्य जताते हुए कहा था कि ‘बेटियां’ कैसे इस तरह की भाषा का प्रयोग कर सकती हैं, और इसे एक प्रकार का ‘कल्चर शॉक’ (Culture Shock) बताया था।
इस वीडियो पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने दोहरे मापदंडों (Double Standards) पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा:
“अगर लड़के अपशब्द बोलते हैं, तो किसी को कोई दिक्कत नहीं है, उनका चलता है। लेकिन अगर लड़कियां गाली देती हैं, तो यह कल्चरल शॉक हो गया। आखिर यह कैसी मानसिकता है?”
महिलाओं को पिंजरे में रखने की सोच का विरोध
राहुल गांधी ने इस सोच को पितृसत्ता से जोड़ते हुए कहा कि यह वही मानसिकता है जिसमें लड़कों को खुली आजादी दी जाती है, जबकि लड़कियों को हमेशा बंधनों में रखा जाता है। “लड़की को एक पिंजरे में रखने की बात की जाती है कि उस पर कंट्रोल होना चाहिए, उसे काम नहीं करना चाहिए। दूसरी तरफ लड़कों को पूरी आजादी है— वे जो चाहें कर सकते हैं, जैसे चाहें गाली दे सकते हैं। हम ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहते,” राहुल ने स्पष्ट किया।
‘मनुस्मृति मानसिकता’ पर कड़ा प्रहार
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी की टिप्पणी को सीधे तौर पर ‘मनुस्मृति मानसिकता’ से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति के अनुसार लड़कियों को पहले अपने पिता, फिर पति और उसके बाद बेटे के नियंत्रण में रहना चाहिए।
उन्होंने इस सोच को सिरे से खारिज करते हुए देश की महिलाओं से कहा: “यह शब्द शर्म का विषय हैं। लड़कियों का जीवन उनके स्वयं के लिए होना चाहिए, न कि किसी और के लिए। आपका पिता, भाई, पति और बेटे के साथ एक संबंध जरूर होता है, लेकिन आप उनके नियंत्रण में नहीं होती हैं। किसी की बेटी, पत्नी या मां होना ही किसी महिला की इकलौती पहचान नहीं हो सकती; आपकी अपनी स्वतंत्र पहचान होती है।”
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने देश की लड़कियों और महिलाओं को सबसे बड़ी अमानत बताते हुए आगे आने और इस रुढ़िवादी सोच को खत्म करने का पुरजोर आह्वान किया।






