Police Smriti Diwas Chhattisgarh: CM साय ने अमर जवानों को दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता शहीदों के बलिदान का परिणाम’

Police Smriti Diwas Chhattisgarh: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्र की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित ‘शहीद वाटिका’ पहुंचकर मुख्यमंत्री ने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प चक्र अर्पित किए और वीर जवानों के अदम्य साहस को नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
‘जहां भय था, वहां अब पहुंच रही विकास की रोशनी’
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश ने लंबे संघर्ष के बाद शांति और सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
- विकास का विस्तार: बस्तर के जिन सुदूर क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का साया था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
- कल्याणकारी योजनाएं: ‘नियद नेल्लानार योजना’, ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के जरिए वंचित क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
- पुलिस आधुनिकीकरण: राज्य सरकार पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है।
1 साल में 84 नक्सली ढेर, 6 जवानों ने दिया बलिदान
कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने भी अमर जवानों की शौर्यगाथा को याद किया।
- निर्णायक लड़ाई: DGP अरुण देव गौतम ने जानकारी दी कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में कुल 84 नक्सली मारे गए हैं।
- सर्वोच्च बलिदान: इसी 1 साल की अवधि में कर्तव्य निर्वहन के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के 6 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण पराक्रम दिखाया है। जवानों की वीरता के साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और मौन संघर्ष भी उतना ही महान और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस दौरान विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।






