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PM Matsya Sampada Yojana: मछली उत्पादन में देश में 6वें नंबर पर छत्तीसगढ़; 3 जिलों में बनेंगे ‘तिलापिया क्लस्टर’, 956 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत

PM Matsya Sampada Yojana: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) के तहत छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मत्स्य पालन (Fish Farming) और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक काम हो रहा है।

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव श्री अविलक्ष्य लेखी ने बताया कि केंद्र सरकार देश भर में 34 नए मत्स्य क्लस्टर (Fish Clusters) विकसित करने जा रही है, जिनमें से एक बड़ा ‘तिलापिया कलस्टर’ (Tilapia Cluster) छत्तीसगढ़ में बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना से राज्य के मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • तिलापिया क्लस्टर: रायपुर, धमतरी और कांकेर जिलों में विकसित किए जा रहे हैं नए क्लस्टर।
  • छग की रैंकिंग: छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन में चौथे और मछली उत्पादन में छठे स्थान पर पहुंचा।
  • 956 करोड़ का फंड: पिछले 6 सालों में राज्य के लिए 956.86 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत।
  • बांगो में एक्वा पार्क: कोरबा के बांगो जलाशय में 37.10 करोड़ से बन रहा है एक्वा पार्क।
  • अंतरराष्ट्रीय निर्यात: छग की मछलियां आयरलैंड और शिकागो जैसे वैश्विक बाजारों में हो रही हैं एक्सपोर्ट।

रायपुर, धमतरी और कांकेर में ‘तिलापिया क्लस्टर’

केंद्रीय सचिव श्री लेखी ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में तिलापिया मछली (Tilapia Fish) के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसे साकार करने के लिए राज्य के तीन जिलों— रायपुर, धमतरी और कांकेर में विशेष तिलापिया क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

वर्तमान में प्रदेश में 2,000 से अधिक किसान तिलापिया का पालन कर रहे हैं और यहां उत्पादित मछलियों का निर्यात (Export) आयरलैंड, शिकागो सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक हो रहा है। केंद्र सरकार राज्य के मत्स्य क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं पर लगभग 900 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है, जिससे तिलापिया उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि हुई है।

मछली उत्पादन में 6वें नंबर पर छत्तीसगढ़

कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं मछलीपालन विभाग के सचिव श्री परदेशी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार मत्स्य पालन को रोजगार का सशक्त माध्यम बना रही है।

  • रैंकिंग: आज छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज (Fish Seed) उत्पादन में देश में चौथे (4th) और मछली उत्पादन (Fish Production) में छठे (6th) स्थान पर पहुंच चुका है।
  • उत्पादन: प्रदेश के लगभग 2.08 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र में 9.59 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया जा रहा है।
  • सहकारिता: राज्य में 2021 पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियां, 1662 स्व-सहायता समूह, 123 मत्स्य हैचरियां और 102 मत्स्य बीज फार्म संचालित हैं।

6 सालों में 956 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत

श्री परदेशी ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के अंतर्गत पिछले 6 वर्षों में राज्य के लिए कुल 956.86 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 272.37 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं। इन फंड्स से बायोफ्लॉक (Biofloc), आरएएस (RAS), केज कल्चर, तालाब निर्माण, कोल्ड स्टोरेज और फीड मिल जैसी आधुनिक तकनीकों का तेजी से विस्तार किया गया है।

इसके अलावा, कोरबा जिले के बांगो जलाशय (Bango Dam) में 37.10 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार एक्वा पार्क (Aqua Park) की स्थापना भी की जा रही है।

2026-27 के लिए क्या है खास?

वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। ‘नवा अंजोर 2047’ के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हजारों आदिवासी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों (जिनकी बैंक तक पहुंच नहीं है) को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें, ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे।

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