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Mainpur Shala Praveshotsav Controversy: गरियाबंद में सांसद को काले झंडे का खौफ, कांग्रेसियों के साथ-साथ भाजपा नेता भी हुए नजरबंद

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर में आयोजित जिला स्तरीय ‘शाला प्रवेशोत्सव’ (Mainpur Shala Praveshotsav Controversy) पूरी तरह से विवादों और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। प्रशासन पर आयोजन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह पूरा आयोजन क्षेत्रीय सांसद रूप कुमारी चौधरी और विधायक जनक राम ध्रुव के आतिथ्य में होना तय था। लेकिन क्षेत्र में बदहाल शिक्षा व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सांसद को काले झंडे दिखाने का ऐलान कर दिया। इस Mainpur Shala Praveshotsav Controversy का खौफ प्रशासन पर ऐसा हावी हुआ कि न केवल कांग्रेसियों को, बल्कि काले कपड़े पहनकर आए एक भाजपा नेता को भी नजरबंद कर दिया गया।

सुबह 6 बजे से ही शुरू हो गई नजरबंदी की कार्रवाई

काले झंडे के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर था।

  • कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई: मैनपुर पुलिस ने सुबह 6 बजे ही कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव सहित एक दर्जन से अधिक कांग्रेस पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद (House Arrest) कर दिया, ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक न पहुंच सकें।
  • भाजपा नेता की भी गिरफ्तारी: हद तो तब हो गई जब पूर्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष और वर्तमान जनपद सदस्य माखन कश्यप को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे संयोगवश काली शर्ट पहनकर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

माखन कश्यप ने अपनी गिरफ्तारी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस को अपना लेटर पैड भी दिखाया, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। कश्यप ने प्रशासन पर भड़कते हुए कहा कि प्रशासन को अपने जनप्रतिनिधियों की पहचान होनी चाहिए। उन्हें काले झंडे के प्रदर्शन की कोई जानकारी नहीं थी।

निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने किया बायकॉट, आमंत्रण पत्र पर बवाल

इस Mainpur Shala Praveshotsav Controversy में प्रशासन की बड़ी लापरवाही आमंत्रण पत्र (Invitation Card) की छपाई को लेकर भी सामने आई। सरकारी आयोजन को कथित तौर पर एक संगठनात्मक रूप देने की कोशिश की गई, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधि खासे नाराज हो गए।

  • नामों की अनदेखी: आमंत्रण कार्ड में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम तक नहीं छापे गए।
  • संगठन को तवज्जो: शिक्षा समिति के पदेन पदाधिकारी माने जाने वाले जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की जगह सत्ताधारी संगठन के पदाधिकारियों के नाम अतिथियों की लंबी फेहरिस्त में शामिल किए गए।
  • बहिष्कार: इस भारी उपेक्षा के कारण, मैनपुर ब्लॉक के 74 में से 73 पंचायत के सरपंच और अधिकतर जनपद सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हुए।

कांग्रेस के दो फाड़: संगठन ने किया विरोध, विधायक ने की शिरकत

एक तरफ जहां कांग्रेस संगठन स्कूल भवनों की अव्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था और उनके नेता नजरबंद थे, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के स्थानीय विधायक जनक ध्रुव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस विरोधाभास ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

हालांकि, जिस अव्यवस्था की बात कांग्रेस कर रही थी, उसके आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं। मैनपुर ब्लॉक में साल 2018 में ‘जतन योजना’ के तहत 114 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए लाखों रुपये आवंटित किए गए थे। इस राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा निकाला भी जा चुका है, लेकिन आज भी 90 भवनों का मरम्मत कार्य अधूरा पड़ा है। प्रशासन ने अब तक इस बड़ी लापरवाही पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

कार्यकर्ताओं से मिले बिना लौटीं सांसद, भाजपाइयों में भी आक्रोश

मंच पर चल रही इस भारी राजनीति और Mainpur Shala Praveshotsav Controversy का असर सांसद रूप कुमारी चौधरी पर भी साफ दिखा। कार्यक्रम में औपचारिकता निभाने के बाद सांसद बिना कार्यकर्ताओं से मिले ही वहां से रवाना हो गईं।

सांसद के इस बर्ताव से खुद भाजपा कार्यकर्ताओं का धैर्य भी जवाब दे गया। किसान मोर्चा प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य कुमारी बाई पटेल, मंडल उपाध्यक्ष प्रमिला सोनवानी, महिला मोर्चा महामंत्री गौरी मरकाम, नरोत्तम साहू, अजा मोर्चा जिला महामंत्री कोमल सोनवानी सहित कई वरिष्ठ भाजपाइयों ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं को ऐसे आयोजनों में पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है।

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