Gold Silver Price Fall: सोने-चांदी के दामों में ऐतिहासिक गिरावट! एक हफ्ते में 3000 रुपये टूटा सोना, चांदी 14 हजार हुई सस्ती

Gold Silver Price Fall:भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए एक बेहद राहत भरी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पिछले कई महीनों से लगातार आसमान छू रही और नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना रही इन कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक जोरदार ब्रेक लग गया है। महज एक हफ्ते के भीतर सोने और चांदी के दामों (Gold Silver Price Fall) में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सोने के दाम में आई बड़ी गिरावट
शादियों के सीजन के लिए गहने बनवाने और निवेश करने की योजना बना रहे आम लोगों के लिए यह गिरावट किसी बड़े मौके से कम नहीं है।
- दामों में नरमी: बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले सिर्फ सात दिनों के भीतर सोने की कीमतों में लगभग 3000 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी कमी दर्ज की गई है।
- ग्राहकों को फायदा: इस अचानक आई गिरावट से रिटेल बाजार में ग्राहकों की वापसी की उम्मीद जगी है, क्योंकि रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के कारण कई खरीदारों ने अपनी खरीदारी टाल दी थी।
चांदी की कीमतों में आया ऐतिहासिक ‘क्रैश’
सोने से भी ज्यादा बुरा हाल चांदी का रहा है। चांदी के दामों में एक हफ्ते के भीतर ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
- भारी धड़ाम: औद्योगिक और आभूषण बाजार में भारी मांग वाली चांदी की कीमतों में एक सप्ताह के भीतर 14,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई है।
- निवेशकों में हड़कंप: चांदी के दामों में अचानक आए इस बड़े ‘क्रैश’ से उन निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है, जिन्होंने उच्च स्तर पर मुनाफा कमाने के लिए निवेश किया था।
गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स के मुताबिक, कीमती धातुओं में इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण (Global Factors) जिम्मेदार हैं:
- मजबूत डॉलर इंडेक्स: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में हुई बढ़ोतरी ने निवेशकों का रुझान सोने से हटाकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है।
- भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले कई हफ्तों से सोने और चांदी के दाम अपने उच्चतम स्तर (All-time high) पर थे। ऐसे में बड़े विदेशी निवेशकों ने भारी मात्रा में मुनाफावसूली की है, जिससे बाजार में बिकवाली का भारी दबाव बना।
- औद्योगिक मांग में सुस्ती: चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक मांग में आई कमी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में जब तक यह अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक घरेलू बाजार में दामों का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।



