Jal Jeevan Mission Chhattisgarh: जल जीवन मिशन को रफ्तार, 8555 पेयजल योजनाएं ग्राम पंचायतों को सौंपी गईं

Jal Jeevan Mission Chhattisgarh:रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के कार्यों में अब तेजी आ गई है। प्रदेश की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर काम तेज कर दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब तक 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन और संधारण ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ली समीक्षा बैठक
जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली।
- सख्त निर्देश: उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल जीवन मिशन के कार्य हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
- जवाबदेही तय: डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक योजना की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।
भविष्य के लक्ष्य और ‘हर घर जल’ की स्थिति
बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने आगामी वर्षों के लक्ष्यों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया:
- आगामी योजनाएं: वर्ष 2026-27 के लिए 13,183 योजनाएं और वर्ष 2027-28 के लिए 7,352 नई योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही समूह जल प्रदाय योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
- हर घर जल: प्रदेश के 7060 गांवों को ‘हर घर जल’ श्रेणी में शामिल किया जा चुका है, जिनमें से 6018 गांवों का भौतिक सत्यापन भी पूरा हो गया है।
ग्रीष्मकाल में जल संकट से निपटने की तैयारी
गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं।
- ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े 19,807 हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त किया गया है।
- जहां जलस्तर नीचे चला गया है, वहां राइजर पाइप बढ़ाने और जरूरत के अनुसार नए ट्यूबवेल खोदने का काम तेजी से किया जा रहा है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, वहां सत्यापन कर संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप दी जाए। जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए पाइपलाइन की नियमित जांच और जल गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। इसके अलावा, नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।



