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Jagadguru Rambhadracharya in Chirmiri: जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचे रामभद्राचार्य, महंत से की मुलाकात, दिखा ‘संत समागम’ जैसा नजारा

Jagadguru Rambhadracharya Chirmiri:मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)/लोकल डेस्क। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले की कोयलांचल नगरी चिरमिरी इन दिनों पूरी तरह से भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में रंगी हुई है। जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) की रामकथा के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है। इसी कड़ी में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शहर के प्रसिद्ध श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर (Jagannath Swami Temple) का दौरा किया, जहां उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया।

मंदिर परिसर में दिखा संत समागम

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के आगमन की खबर सुनते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कई संत-महात्मा एकत्रित हो गए।

  • भक्तिमय माहौल: जय श्रीराम और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। उपस्थित संतों और धर्मप्रेमियों की भीड़ के कारण मंदिर में ‘संत समागम’ जैसा अलौकिक नजारा देखने को मिला।
  • विशेष पूजा-अर्चना: जगद्गुरु ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस अवसर पर देश, प्रदेश और समस्त मानव समाज की सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रार्थना की।
  • स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी: इस खास मौके पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के साथ उपस्थित रहे।

महंत पुरुषोत्तम पुरी से की सौजन्य मुलाकात

मंदिर में अपने प्रवास के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर के महंत पुरुषोत्तम पुरी से सौजन्य मुलाकात की।

  • दोनों प्रमुख संतों के बीच भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और समाज में धार्मिक चेतना के विस्तार को लेकर काफी विस्तृत और गंभीर चर्चा हुई।
  • जगद्गुरु ने महंत जी का हालचाल जाना और उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु होने की कामना करते हुए अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

श्रद्धालुओं के लिए रहा अविस्मरणीय पल

भगवान जगन्नाथ और जगद्गुरु के एक साथ दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु घंटों तक कतारों में हाथ जोड़े इंतजार करते नजर आए। मंदिर समिति द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों, फूल-मालाओं और जयघोष के साथ रामभद्राचार्य का स्वागत किया गया। रामकथा के इस पूरे आयोजन के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य चिरमिरी के कई अन्य मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सनातन संस्कृति का एक सकारात्मक संदेश जा रहा है।

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