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World News: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान का भीषण प्रहार, अरबों डॉलर का नुकसान, ट्रंप प्रशासन पर सच छिपाने के आरोप

Iran US War Update:ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हालिया सैन्य संघर्ष ने मध्य पूर्व (Middle East) की स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को जितना नुकसान हुआ है, वह आधिकारिक तौर पर स्वीकार किए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स और स्वतंत्र विश्लेषणों से पता चलता है कि 7 अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान ने सटीक निशाना साधा है, जिसकी मरम्मत में अब अरबों डॉलर (Billions of Dollars) खर्च होने का अनुमान है।

आधिकारिक दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर

पेंटागन और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने शुरुआत में इन हमलों से हुए नुकसान को बेहद कम बताया था, लेकिन अब रक्षा विशेषज्ञों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

  • एनबीसी न्यूज (NBC News) की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में अमेरिकी बेस और उपकरणों को पहुंचा नुकसान पेंटागन के सार्वजनिक बयानों की तुलना में बहुत अधिक व्यापक है।
  • खुफिया आकलन और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने केवल प्रतीकात्मक हमले नहीं किए, बल्कि अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है।
  • रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने भी पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

क्या-क्या हुआ तबाह? अरबों डॉलर की मरम्मत का अनुमान

ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों ने कई संवेदनशील ठिकानों को अपना निशाना बनाया है, जिससे परिचालन संबंधी क्षमताएं प्रभावित हुई हैं।

  • हमलों में अमेरिकी सेना के गोदामों, कमांड मुख्यालयों, विमानों के हैंगर और सैटेलाइट संचार बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है।
  • कई सैन्य अड्डों के रनवे और हाई-एंड रडार सिस्टम पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं। अकेले एक रडार सिस्टम की कीमत करीब 485 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।
  • दर्जन भर से ज्यादा विमानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। शुरुआती आकलन के अनुसार, केवल भौतिक ढांचे की मरम्मत में ही 2 से 5 बिलियन डॉलर तक का खर्च आ सकता है।
  • पेंटागन अब कांग्रेस से इस युद्ध और मरम्मत कार्यों के लिए 200 बिलियन डॉलर से अधिक के अतिरिक्त बजट की मांग कर रहा है।

रणनीतिक चुनौती और सुरक्षा पर सवाल

ईरान की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि वह अमेरिका की आधुनिक रक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने में सक्षम है।

युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी बुरा असर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

कतर स्थित अल उदेद (Al Udeid) और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े जैसे सुरक्षित ठिकानों पर बार-बार हमले होना अमेरिका के लिए चिंता का विषय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों के बाद वाशिंगटन में इस बात पर बहस तेज हो सकती है कि क्या ईरान जैसे दुश्मन के इतने करीब सैन्य बेस बनाए रखना सुरक्षित है।

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