Regional Cooperative Workshop Nava Raipur: ‘सहकार से समृद्धि’ पर 6 राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला नवा रायपुर में संपन्न, अमित शाह का संदेश

Regional Cooperative Workshop Nava Raipur:रायपुर। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर (Nava Raipur) में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। ‘सहकार से समृद्धि’ (Sahkar Se Samriddhi) के राष्ट्रीय विजन को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में छह प्रमुख राज्यों— छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा— के सहकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यशाला का मुख्य फोकस पैक्स (PACS – Primary Agricultural Credit Societies) को बहुउद्देश्यीय बनाकर ग्रामीण विकास की धुरी बनाना था।
अमित शाह का विजन और केंद्र की पहल
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के संदेश और विजन पर गहन चर्चा हुई।
- डिजिटल इंडिया से जुड़ाव: कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि देश की सभी 63,000 पैक्स (PACS) को पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत किया जाए ताकि उनमें पारदर्शिता आए और वे सीधे ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान से जुड़ सकें।
- बहुउद्देश्यीय पैक्स: पैक्स को सिर्फ ऋण देने तक सीमित न रखकर, उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), पेट्रोल पंप संचालन, एलपीजी वितरण, जन औषधि केंद्र और भंडारण जैसी अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ सरकार का पक्ष और सहयोग
कार्यशाला के समापन सत्र में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य के कृषि एवं सहकारिता मंत्री ने अपने विचार रखे। (मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – CM Vishnu Deo Sai – सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप)
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था का इंजन: राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। पैक्स को मजबूत करने से सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- नई नीतियां: कार्यशाला में 6 राज्यों के बीच बेस्ट प्रैक्टिसेस (Best Practices) साझा की गईं। छत्तीसगढ़ ने अपनी धान खरीदी व्यवस्था और सहकारी बैंक मॉडल की सफलता को अन्य राज्यों के साथ साझा किया।
कार्यशाला के मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)
दो दिन चले इस मंथन से कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकलकर सामने आए:
- राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस: सभी 6 राज्यों ने राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस को जल्द से जल्द अपडेट करने पर सहमति जताई।
- बीज और जैविक उत्पाद: नई राष्ट्रीय बीज सहकारी समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज और जैविक उत्पादों के सही दाम दिलाने पर रणनीति बनी।
- सहकारी शिक्षा: युवाओं और महिलाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया।
इस क्षेत्रीय कार्यशाला ने न केवल मध्य और पूर्वी भारत के 6 राज्यों के बीच सहकारी समन्वय को बढ़ाया है, बल्कि ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने का एक मजबूत रोडमैप भी तैयार किया है।



