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Chhattisgarh Congress PCC Chief: पीसीसी चीफ की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में खींचतान, दीपक बैज की टीएस सिंहदेव को नसीहत- ‘राष्ट्रीय स्तर पर करें काम’

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) के कुनबे में एक बार फिर अंदरूनी कलह और गुटबाजी सतह पर आ गई है। इस बार विवाद का केंद्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ की कुर्सी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव (TS Singh Deo) द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं, वर्तमान पीसीसी चीफ दीपक बैज (Deepak Baij) अपनी कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे हैं और उन्होंने सिंहदेव को एक बड़ी नसीहत दे डाली है।

सिंहदेव की दावेदारी पर दीपक बैज का पलटवार

नेतृत्व परिवर्तन की चल रही अटकलों के बीच, टीएस सिंहदेव ने हाल ही में बयान दिया था कि यदि पार्टी आलाकमान उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपता है, तो वह इसे निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा:

  • राष्ट्रीय स्तर पर हो उपयोग: बैज ने कहा कि टीएस सिंहदेव पार्टी के बहुत वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। उनका अनुभव इतना विस्तृत है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए काम करना चाहिए।
  • केंद्रीय भूमिकाओं की याद दिलाई: बैज ने याद दिलाया कि पार्टी ने सिंहदेव को पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिनमें केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य होना और तमिलनाडु व पुडुचेरी जैसे राज्यों के प्रभारी की भूमिका निभाना शामिल है।

‘प्रदेश में युवाओं को मिले आगे बढ़ने का अवसर’

दीपक बैज ने अपने बयान में स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य की कमान अब युवा हाथों में ही रहनी चाहिए।

  • उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल युवा नेतृत्व काफी सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
  • भविष्य की राजनीति के लिए कांग्रेस को युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देकर तैयार करना चाहिए। टीएस सिंहदेव के अनुभव का लाभ राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी को अधिक मिलेगा।

‘संगठन में कोई मतभेद नहीं’

भले ही बयानों के तीर चल रहे हों, लेकिन दीपक बैज ने पार्टी में किसी भी प्रकार की गुटबाजी से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी सभी वरिष्ठ और युवा नेताओं को साथ लेकर चल रही है। संगठन एकजुट है और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

राजनीतिक जानकारों की राय

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दीपक बैज का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब संगठन में नए मुखिया को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। एक तरफ टीएस सिंहदेव का लंबा अनुभव और प्रभाव है, तो दूसरी तरफ युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति। आने वाले दिनों में यह खींचतान छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति को और ज्यादा गर्मा सकती है। अटकलें यह भी हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए आलाकमान संगठन में कोई बड़ा बदलाव कर सकता है।

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