Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से बाजार को मिली राहत

Crude Oil Price: सप्ताह के पहले ही दिन वैश्विक बाजार से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुरुआती कारोबार में ही इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से अधिक टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे चला गया, हालांकि बाद में यह 92 डॉलर के आसपास स्थिर हो गया। इसके साथ ही अमेरिकी तेल मार्कर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) और यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी नरमी आई है। इस गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच कम होता तनाव एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- कीमतों में गिरावट: ब्रेंट क्रूड में 7% से ज्यादा की गिरावट, 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसला भाव।
- तनाव में कमी: अमेरिका ने 13 दिन बाद ईरान पर हमले रोके, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई स्थगित की।
- हूती विद्रोहियों का दावा: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरामको की फैसिलिटीज पर हमले का दावा किया है।
- महंगाई का डर: इस महीने तेल की कीमतों में 25% से अधिक का उछाल आ चुका है, जिससे वैश्विक महंगाई की चिंताएं अभी भी बरकरार हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच थमे हमले
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पिछले 13 दिनों से ईरान पर हो रहे हमलों को शुक्रवार देर रात रोक दिया है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, ईरान की सेना ने भी स्पष्ट किया है कि तेहरान ने फिलहाल अपनी जवाबी कार्रवाइयां स्थगित कर दी हैं।
हालाँकि, तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहरों (जीजान और यानबू) में सऊदी अरामको से जुड़ी फैसिलिटीज पर हमले का दावा किया है, जिसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी अरब में इमर्जेंसी अलर्ट और तेल निर्यात का संकट
सप्ताहांत में सऊदी अधिकारियों ने दो प्रांतों में इमर्जेंसी अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। होर्मुज स्ट्रेट के प्रभावित होने के बाद, ‘यानबू’ सऊदी अरब का प्रमुख कच्चे तेल निर्यात केंद्र बन गया है, जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल दुनिया भर में भेजा जाता है। वहीं, जीजान में अरामको की एक प्रमुख रिफाइनरी स्थित है।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष होर्मुज स्ट्रेट से आगे बढ़कर लाल सागर तक फैलने के कारण, इस महीने वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है। तेल के भंडार घटने और आपूर्ति प्रभावित होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
राजनयिक पहल: बातचीत की जगी उम्मीद
तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा है कि अमेरिकी नेतृत्व “वार्ता को कुछ जगह दे रहा है।” हालांकि, वाशिंगटन और तेहरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति जैसे प्रमुख मुद्दों पर अभी भी भारी मतभेद कायम है।
राहत हो सकती है अस्थायी: एक्सपर्ट
ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत लंबे समय तक नहीं टिक सकती। एमएसटी मार्क्वी के वरिष्ठ ऊर्जा विश्लेषक सॉल कैवोनिक के मुताबिक, “हमले थमने से होर्मुज और लाल सागर के रास्ते तेल की आवाजाही फिर से शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन, जब तक होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण और उसके परमाणु कार्यक्रम जैसे मूल मुद्दे अनसुलझे हैं, यह संघर्षविराम और कीमतों में गिरावट केवल अस्थायी साबित हो सकती है।”






