CG News: ‘विद्यार्थियों का कल्याण सर्वोपरि’- राज्यपाल रमेन डेका ने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की ली अहम बैठक; दिए सख्त निर्देश

CG News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राज्यपाल श्री रमेन डेका (Governor Ramen Deka) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों का कल्याण ही विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राज्यपाल डेका ने मंगलवार को राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) के कुलपतियों (Vice Chancellors) की एक अहम समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता, नए पाठ्यक्रम, रोजगार की संभावनाएं और विश्वविद्यालयों के सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
खबर की मुख्य बातें (CG News)
- विद्यार्थियों का कल्याण सर्वोपरि: राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं।
- NAAC ग्रेडिंग और संख्या: विश्वविद्यालयों को नैक में बेहतर ग्रेडिंग लाने और कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने के निर्देश।
- PhD रजिस्ट्रेशन की चेकिंग: शोध कार्यों की गुणवत्ता के लिए विशेषज्ञों द्वारा होगी रैंडम चेकिंग।
- गांवों को लें गोद: सामाजिक दायित्व के तहत गांवों को गोद लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य (ब्रेस्ट कैंसर सर्वे) पर काम करने के निर्देश।
- योग और नशा मुक्ति: छात्रों की दिनचर्या में योग शामिल करने और नशा मुक्ति अभियान चलाने पर जोर।
शोधार्थियों (Researchers) को करें प्रोत्साहित
बैठक में शोध (Research) की गुणवत्ता पर जोर देते हुए श्री डेका ने कहा कि पीएच.डी. (Ph.D.) उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों (Registrations) की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी। विश्वविद्यालयों का काम केवल उपाधि (Degree) बांटना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए जो समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान दे।
रोजगारपरक और भविष्य की संभावनाओं वाले कोर्स शुरू करें
राज्यपाल ने पुराने और অপ্রसांगिक पाठ्यक्रमों को लेकर भी अहम बात कही। उन्होंने कहा:
- कोई भी नया कोर्स शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि और आवश्यकता का सर्वेक्षण (Survey) करें।
- जिन कोर्सेज में विद्यार्थी रुचि नहीं ले रहे हैं, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए।
- एनवायरनमेंटल साइंस (Environmental Science) और साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security) जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगारपरक कोर्स शुरू किए जाएं।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा दिया जाए।
फार्मेसी कोर्स और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर नजर
राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फार्मेसी (Pharmacy) पाठ्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम चल रहे हैं, वे विद्यार्थियों के बेहतर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के साथ टाई-अप (Tie-up) करें।
सामाजिक सरोकार: गांव गोद लें, छत्तीसगढ़ी भाषा को दें बढ़ावा
राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों को उनके सामाजिक दायित्वों (Social Responsibilities) की याद दिलाते हुए कहा:
- गांव गोद लें: सभी निजी विश्वविद्यालय अपने आसपास के गांवों को गोद लें और वहां नियमित रूप से शिक्षा व स्वास्थ्य जागरूकता (जैसे ब्रेस्ट कैंसर सर्वे) कार्यक्रम चलाएं।
- छत्तीसगढ़ी भाषा: छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
- योग और ध्यान: विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग (Yoga) को उनकी जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए।
- नशा मुक्ति: युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए विश्वविद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान चलाए जाएं।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव श्री अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी. के. गोयल सहित राज्य के विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।






