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Chhattisgarh Employee Short Term Loan: कर्मचारियों को अब मोबाइल से मिलेगा ऋण, CM साय के निर्देश पर अमल

CG News (रायपुर): छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने Chhattisgarh Employee Short Term Loan की सुविधा शुरू कर दी है। यह पहल वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से आकार ले पाई है और इसका सीधा फायदा राज्य के हजारों शासकीय सेवकों को मिलेगा।

इस सुविधा का मकसद साफ है। जब भी किसी कर्मचारी को अचानक पैसों की जरूरत पड़े, तो उसे किसी अनजान या असुरक्षित जगह से उधार लेने की मजबूरी न रहे। अब उसे एक भरोसेमंद, तेज और पूरी तरह पारदर्शी सरकारी विकल्प मिलेगा।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

यह पूरी व्यवस्था राज्य शासन के ई-कोष (e-Kosh) प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई है। मतलब कर्मचारियों को न तो दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे और न ही कागजी कार्रवाई में उलझना पड़ेगा। पूरा आवेदन, स्वीकृति और वितरण डिजिटल तरीके से पूरा होगा, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस पहल को कर्मचारियों के प्रति सरकार की गंभीरता का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि यह योजना कर्मचारियों को जरूरत के समय तुरंत मदद देगी और उन्हें एक सम्मानजनक व सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगी। पूरी व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से काम करेगी।

ऐसे मिलेगा Chhattisgarh Employee Short Term Loan का लाभ

कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के जरिए तय प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन से पहले ही उन्हें ब्याज दर, ईएमआई, शुल्क और की फैक्ट स्टेटमेंट जैसी सारी जरूरी जानकारी दिखाई जाएगी, ताकि निर्णय पूरी समझ के साथ लिया जा सके। आवेदन के बाद ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होते ही ऋण की स्वीकृति और वितरण तेजी से होगा। किस्तों का भुगतान हर महीने वेतन से तय प्रक्रिया के मुताबिक होगा। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए कर्मचारी ई-कोष पोर्टल पर जाकर विवरण देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार शासकीय कर्मचारियों के कल्याण और आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित सुधारों के जरिए कर्मचारियों के हित लगातार मजबूत किए जा रहे हैं।

वित्त विभाग की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेश के शासकीय सेवकों को आने वाले समय में और भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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