Team India T20 Series Loss: वर्ल्ड चैंपियन भारत की इंग्लैंड-आयरलैंड में शर्मनाक हार; यूके दौरे पर फ्लॉप होने के ये हैं 5 बड़े कारण

Sports News: कुछ ही महीने पहले टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का यूके (UK) दौरे पर बुरा हाल है। टीम इंडिया (Team India T20 Series Loss) को आयरलैंड के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
आयरलैंड में 2-0 से पिटने के बाद, इंग्लैंड में 4 मैचों की सीरीज में भी भारत 3-0 से पिछड़ गया है। सीरीज का एक आखिरी मुकाबला बाकी है, लेकिन अगर भारत वह जीत भी जाता है, तो यह सिर्फ हार के जख्मों पर मरहम लगाने जैसा होगा। आखिर वर्ल्ड चैंपियन टीम की हालत इतनी खराब कैसे हो गई? आइए जानते हैं भारत की इस करारी हार के 5 सबसे बड़े कारण।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- लगातार हार: टीम इंडिया आयरलैंड के बाद इंग्लैंड से भी टी20 सीरीज हार गई है।
- ओपनिंग जोड़ी फेल: 6 पारियों में ओपनर्स सिर्फ एक बार 50 रन की साझेदारी कर पाए।
- मिडिल ऑर्डर फ्लॉप: ईशान किशन और तिलक वर्मा धीमी बल्लेबाजी कर रहे हैं।
- गेंदबाजी बेअसर: तेज पिचों पर अर्शदीप सिंह को छोड़कर बाकी सभी गेंदबाज विकेट के लिए तरसते दिखे।
1. ओपनर्स का पूरी तरह फेल होना
टीम इंडिया को यूके टूर पर अभी तक एक भी जीत इसलिए नसीब नहीं हुई है, क्योंकि टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिल पा रही है। पहले तीन मैचों में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की। वहीं, बाकी तीन मैचों में अभिषेक के साथ युवा वैभव सूर्यवंशी ओपनर के तौर पर उतरे। इन 6 पारियों में ओपनिंग जोड़ी केवल एक बार ही 50 रनों की साझेदारी कर पाई है, जो हार का सबसे बड़ा कारण है।
2. ईशान और तिलक वर्मा की खराब फॉर्म
ईशान किशन टी20 क्रिकेट में नंबर वन बल्लेबाज जरूर बन गए हैं, लेकिन इस दौरे पर उनका प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा है। पिछले 6 मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 79 रन निकले हैं (जिसमें से 49 रन एक ही मैच में आए हैं)। वहीं, तिलक वर्मा 6 पारियों में केवल 125 रन बना सके हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि तिलक तेजी से रन नहीं बना पा रहे और मैच फिनिश करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
3. टीम में मैच ‘फिनिशर’ की कमी
इस पूरे दौरे पर टीम इंडिया एक अदद मैच फिनिशर के लिए जूझती नजर आई। रिंकू सिंह का इस दौरे के लिए सिलेक्शन नहीं हुआ था, जबकि हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी चोट की वजह से बाहर हो गए। ऐसे में आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा पर आ गई, जो इस भूमिका में पूरी तरह से फ्लॉप रहे।
4. लचर और दिशाहीन गेंदबाजी
आयरलैंड के बाद इंग्लैंड में भी भारतीय गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। कई बार एक-एक ओवर में 27 से 29 रन तक दिए गए। अगर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को छोड़ दें, तो बाकी सभी पेसर्स, स्पिनर्स और ऑलराउंडर्स उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हर कोई यहां विकेट निकालने के लिए तरसता दिखा है।
5. तेज पिचों पर ‘स्पिनर्स’ पर हद से ज्यादा भरोसा
इंग्लैंड की पिचें हमेशा से तेज गेंदबाजों (पेसर्स) को मदद करती हैं, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच ने इंग्लैंड में स्पिनर्स पर ज्यादा भरोसा जताया। भारतीय टीम विदेशी पिचों पर तीन-तीन स्पिनरों के साथ उतरी, जिसका खामियाजा उसे सीरीज हारकर भुगतना पड़ा। कप्तान श्रेयस अय्यर खुद भी बल्ले से पूरी तरह फ्लॉप नजर आए हैं, जिसके चलते उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।






