CG Cabinet Decisions: साय सरकार के 11 बड़े फैसले; ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ बिल लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा छत्तीसगढ़, नवा रायपुर के लिए OTS लागू

State News (Nava Raipur): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, शिक्षा, व्यापार को सुगम बनाने और आम नागरिकों को सहूलियत देने के लिए कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों (CG Cabinet Decisions) पर मुहर लगाई गई है।
खबर की मुख्य बातें (CG Cabinet Decisions)
- देश का पहला राज्य: छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को मंजूरी।
- नवा रायपुर में राहत: NRDA के आबंटित भूखंडों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना लागू।
- किराएदारों-मकान मालिकों को राहत: छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 में संशोधन को हरी झंडी।
- बस्तर फाइटर्स: ‘फाइटर आरक्षक’ की भर्ती और सेवा शर्तों में अहम बदलाव को स्वीकृति।
- ऑडिटोरियम: राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के लिए जमीन आबंटन को मंजूरी।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ बिल लाने वाला पहला राज्य
कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है। इस तरह का विशेष विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।
इसके तहत राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा। इसमें डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification) और जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) जैसे प्रावधान शामिल हैं, जिससे दोहरे लाइसेंसिंग का झंझट खत्म होगा और निवेशकों की राह आसान होगी।
नवा रायपुर के लिए OTS योजना को मंजूरी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों और परिसरों पर देय ब्याज और अधिभार में बड़ी राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई है।
इस योजना से उन लोगों को मदद मिलेगी जो अपनी परियोजनाएं पूरी करना चाहते हैं। वहीं, जो निवेशक अब विकास के इच्छुक नहीं हैं, वे आसानी से अपनी आबंटित जमीन सरेंडर (Surrender) कर सकेंगे। इससे मुकदमों में कमी आएगी और नवा रायपुर के विकास को नई गति मिलेगी।
मकान मालिक और किराएदारों के विवाद होंगे खत्म
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी है। इसे भारत सरकार के ‘आदर्श किरायेदारी अधिनियम 2021’ के अनुरूप तैयार किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य खाली पड़े मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देना और किराएदारी से जुड़े विवादों का तेजी से निपटारा करना है। इस संशोधन में भवन स्वामी और किराएदार के अधिकार, दायित्व और किराया प्राप्ति से जुड़े नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं।
शिक्षा, पुलिस और बिजली भुगतान पर बड़े फैसले
- निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) 2026: राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना नियमों को सख्त और व्यावहारिक बनाया गया है। अब ‘विन्यास निधि’ की जगह ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान होगा, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और यूजीसी (UGC) के मानकों का कड़ाई से पालन हो।
- बिजली भुगतान (DDM): केंद्रीय उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान के लिए अब RBI की गाइडलाइन के अनुसार डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे बिजली आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।
- बस्तर फाइटर्स: छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) की सेवा शर्तों और भर्ती नियमों (2026) में अहम संशोधन किए गए हैं।
टैक्स, पर्यावरण और औद्योगिक विकास नीतियां
बैठक में वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करते हुए सभी लंबित मामले ‘राजस्व मंडल’ को सौंपने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद अपील के मामले घटे हैं।
इसके अलावा, निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के लिए ‘माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026’ और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक 2026’ को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही, छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर सिर्फ आर्थिक दंड का प्रावधान करने के लिए ‘जल प्रदूषण निवारण अधिनियम 2024’ को राज्य में अंगीकार करने का फैसला लिया गया है।






