bilaspur group clash: जमकर चले पत्थर और लाठियां, एक पुलिसकर्मी समेत कई लोग गंभीर रूप से जख्मी

छत्तीसगढ़ (Raipur): न्यायधानी बिलासपुर के एक व्यस्त और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ दो स्थानीय गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर अचानक एक हिंसक झड़प (violent bilaspur group clash) शुरू हो गई। देखते ही देखते इस विवाद ने इतना उग्र रूप धारण कर लिया कि दोनों पक्षों के दर्जनों लोग सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करने के साथ-साथ अंधाधुंध पथराव करने लगे। इस अचानक हुए उपद्रव और पत्थरबाजी के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय दुकानदारों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानें आनन-फानन में बंद कर दी हैं।
घटना की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय थाने की पुलिस टीम तुरंत भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर मुस्तैद हुई। हालांकि, स्थिति इतनी बेकाबू हो चुकी थी कि उपद्रवियों को शांत कराने के प्रयास के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल पर ही हमला बोल दिया। इस अचानक हुए पथराव में मौके पर तैनात एक प्रधान आरक्षक (पुलिसकर्मी) के सिर पर गंभीर चोट आई है। इसके अलावा दोनों पक्षों के भी लगभग 4 से 5 लोग लहूलुहान हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है, जहाँ गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुरानी रंजिश और आपसी वर्चस्व की लड़ाई
स्थानीय खुफिया सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भयावह bilaspur group clash के पीछे किसी पुरानी रंजिश और इलाके में आपसी वर्चस्व कायम करने की होड़ बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कल देर रात दोनों पक्षों के कुछ युवकों के बीच किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। उस वक्त तो मामला शांत हो गया था, लेकिन आज सुबह दोनों गुटों के लोग पूरी तैयारी के साथ इकट्ठा हुए और हथियारों से लैस होकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
घटना के बाद पूरे बिलासपुर शहर में सनसनी फैल गई है। जिला पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित इलाके में अतिरिक्त रिजर्व पुलिस बल (सीएएफ) की टुकड़ियों को तैनात कर दिया है। वर्तमान में पूरा इलाका एक पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है और किसी भी प्रकार की नई अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की गाड़ियाँ लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो से दंगाइयों की पहचान तेज
बिलासपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी या उपद्रवी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस bilaspur group clash मामले में विभिन्न धाराओं के तहत दंगा भड़काने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर जानलेवा हमला करने का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अपराधियों तक पहुँचने के लिए पुलिस की सायबर सेल और स्थानीय टीम इलाके में लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पथराव के वीडियो के आधार पर दंगा भड़काने वाले मुख्य आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस ने अब तक करीब 12 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि अगले 24 घंटों के भीतर इस हिंसक झड़प के सभी मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।






