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Imd weather alert chhattisgarh: मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, नदी-नाले उफान पर

छत्तीसगढ़ (Raipur): राज्य में मानसून की बेरुखी अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और (Imd weather alert chhattisgarh) पिछले 48 घंटों से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के मौसम को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चिंताजनक imd weather alert chhattisgarh जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक बेहद शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो चुका है, जिसके प्रभाव से आने वाले 3 दिनों तक पूरे छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने राज्य के लगभग 14 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) और शेष जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए आम जनता सहित स्थानीय जिला प्रशासनों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश के कई नदी-नाले खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

बस्तर और रायपुर संभाग में आकाशीय बिजली गिरने की बड़ी आशंका

मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी विस्तृत imd weather alert chhattisgarh के बुलेटिन में विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग (जिसमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और जगदलपुर शामिल हैं) और मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर व दुर्ग संभाग में अत्यधिक भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

विभाग ने ग्रामीण अंचलों में रहने वाले किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रकार के चक्रवातीय परिसंचरण के दौरान आकाशीय बिजली (Lightening) गिरने की घटनाएं बहुत अधिक होती हैं। इसलिए खराब मौसम के दौरान किसी भी सूरत में खेतों में काम न करें, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और पक्के मकानों के भीतर ही सुरक्षित रहें।

निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, आपदा प्रबंधन टीमें (SDRF) तैनात

लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के चलते छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी मानी जाने वाली महानदी, शिवनाथ नदी, खारून और इंद्रावती नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। कई तटीय और निचले गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है, जिसके चलते जिला कलेक्टरों ने एहतियातन सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है।

इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ प्रभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी कर दिए हैं ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

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