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CG Politics: भाजपा नेता व पूर्व मंत्री के भाई के घर पहुंची CBI

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) का एक्शन लगातार जारी है। राज्य की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईडी की टीम ने बहुचर्चित ‘भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले’ (Bharatmala Scam) को लेकर एक बड़ी छापेमारी की। जांच एजेंसी ने धमतरी जिले के कुरुद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर अचानक दबिश दी है। इस हाई-प्रोफाइल रेड के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

कुरुद में सुबह-सुबह 3 गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम

कुरुद के सरोजिनी चौक स्थित भूपेंद्र चंद्राकर के घर पर आज तड़के ही ईडी के अधिकारियों ने छापा मारा।

  • जानकारी के अनुसार, सुबह-सुबह 3 गाड़ियों में सवार होकर आए अधिकारी सीधे घर के अंदर घुसे और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
  • मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वर्दीधारी जवानों ने घर को चारों तरफ से घेर लिया है और पूरे परिसर को सील कर दिया गया है।
  • घर को अंदर से बंद कर लिया गया है ताकि जांच के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप न हो सके। रायपुर और अभनपुर के बाद ईडी की यह कार्रवाई अब धमतरी तक पहुंच गई है।

क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे का घोटाला?

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह रेड भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हुए जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में कथित भारी अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।

  • इस प्रोजेक्ट में आरोप है कि अभनपुर समेत कई तहसीलों में जमीन के मुआवजे के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है।
  • शिकायत में कहा गया है कि नियमों को दरकिनार करते हुए कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने करीबियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
  • जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित घोटाले के तार केवल कुरुद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड जैसी अन्य तहसीलों से भी इसकी कड़ियां जुड़ी हुई हैं।

करोड़ों रुपये के घोटाले की गहराई से हो रही जांच

संबंधित मामले में दस्तावेजों के साथ एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है। भूपेंद्र चंद्राकर के घर के अंदर ईडी की टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन की भी पड़ताल की जा रही है ताकि घोटाले से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाए जा सकें। भूपेंद्र चंद्राकर के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई होने के कारण इस रेड को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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