CG Politics: ‘निंदा प्रस्ताव का कानून पर असर नहीं’, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर का BJP पर बड़ा हमला

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में प्रस्तावित विशेष विधानसभा सत्र और निंदा प्रस्ताव को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है। राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर (Mohammad Akbar) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। अकबर ने स्पष्ट कहा है कि विधानसभा में पारित होने वाले किसी भी निंदा प्रस्ताव का किसी कानून पर कोई बाध्यकारी प्रभाव नहीं होता। उन्होंने इस पूरे कवायद को महज एक राजनीतिक संदेश देने का जरिया और जनता को गुमराह करने की कोशिश करार दिया है।
131वें संशोधन और महिला आरक्षण पर भाजपा कर रही गुमराह
मोहम्मद अकबर ने बयान जारी कर आरोप लगाया है कि लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न हो पाने के बाद बीजेपी लोगों को भ्रमित कर रही है।
- उन्होंने याद दिलाया कि महिला आरक्षण से जुड़ा कानून वर्ष 2023 में ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से पारित हो चुका है।
- इस कानून के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही लागू हो चुका है।
- अकबर का आरोप है कि महिला आरक्षण की आड़ में बीजेपी मनमाने परिसीमन का षड्यंत्र रच रही थी। जब उनका यह दांव सफल नहीं हुआ, तो वे गैर-भाजपा पार्टियों पर महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने देने का झूठा आरोप मढ़ रहे हैं।
पहली बार निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाया गया विशेष सत्र
पूर्व मंत्री ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए राज्य सरकार के फैसले पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
- अकबर ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत राज्यपाल को विधानसभा सत्र बुलाने का अधिकार है, जो मंत्रिपरिषद की सलाह पर लिया जाता है।
- आमतौर पर विशेष सत्र किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा, कानून व्यवस्था के संकट, विश्वास मत, या अनुपूरक बजट पारित करने के लिए बुलाया जाता है।
- उन्होंने कहा कि निंदा प्रस्ताव हमेशा नियमित सत्र में लाया जाता है और वह भी मुख्य रूप से विपक्ष द्वारा सरकार की नीतियों की आलोचना करने के लिए।
- अकबर ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब सत्ताधारी भाजपा सरकार केवल एक ‘निंदा प्रस्ताव’ के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुला रही है।
विधानसभा का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समस्याओं का समाधान करना होता है। मोहम्मद अकबर के मुताबिक, यह निंदा प्रस्ताव पूरी तरह से प्रतीकात्मक है और इसका कोई कानूनी मोल नहीं है। अब देखना यह है कि भाजपा जिस वर्ग को यह राजनीतिक संदेश देना चाहती है, वह उस तक पहुंचता है या नहीं। फिलहाल इस गंभीर आरोप पर सत्ताधारी दल बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।



