Haldwani Controversy: खरगे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धीकरण’ पर भड़के राहुल गांधी; BJP-RSS को घेरा, PM मोदी से की FIR दर्ज कराने की मांग

Haldwani Controversy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ (Shuddhikaran) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान वास्तव में उसी ‘छुआछूत की मानसिकता’ को दर्शाते हैं, जिसे भारतीय संविधान (Indian Constitution) ने अपराध घोषित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल FIR दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- राहुल गांधी का प्रहार: हल्द्वानी ‘शुद्धीकरण’ मामले को लेकर BJP और RSS पर साधा तीखा निशाना।
- PM मोदी से मांग: प्रधानमंत्री को निर्देश देना चाहिए कि इस मामले में तत्काल FIR दर्ज हो।
- क्या है पूरा विवाद? 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की रैली हुई, 10 अगस्त को एक संगठन ने वहां कथित रूप से ‘शुद्धीकरण’ और हवन किया।
- दलित भेदभाव का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि ‘शुद्धीकरण’ छुआछूत का दूसरा नाम है और यह संविधान का खुला उल्लंघन है।
राहुल गांधी ने राजस्थान के एक कांग्रेस नेता के मंदिर जाने पर हुए ‘शुद्धीकरण’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान के लिए समर्पित कर दिया, वे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं और वहां उनका शुद्धीकरण किया जाता है। ऐसा BJP और RSS के लोग करते हैं और यह संविधान के तहत एक दंडनीय अपराध है।”
“प्रधानमंत्री खुद निर्देश देकर दर्ज कराएं FIR”
राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी दलित व्यक्ति के किसी स्थान पर जाने के बाद उसका ‘शुद्धीकरण’ किया जाता है, तो समाज में इसका सीधा संदेश यह जाता है कि दलित ‘अशुद्ध’ है और उसे छुआ नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और निर्देश देना चाहिए कि इस अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। दलितों के खिलाफ होने वाले ऐसे बर्ताव को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है।”
क्या है हल्द्वानी का पूरा विवाद? (Haldwani Shuddhikaran Row)
- 8 अगस्त 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था।
- 10 अगस्त 2026: इसके दो दिन बाद ‘श्री राम सेना’ नाम के एक संगठन से जुड़े लोगों ने उसी मैदान में जाकर हवन और कथित रूप से ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान किया।
- विवाद: कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि खरगे के दलित होने की वजह से जानबूझकर कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धीकरण’ कराया गया। खुद मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे अपना अपमान बताते हुए छुआछूत कानून (Protection of Civil Rights Act) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की थी।
- BJP का पक्ष: BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस घटना की निंदा की थी और पार्टी को इससे अलग कर लिया था। हालांकि, उत्तराखंड BJP अध्यक्ष ने यह कहकर विवाद को और हवा दे दी कि कांग्रेस की सभा में ऐसे नारे लगाए गए थे जो रामलीला मैदान की धार्मिक मर्यादा के खिलाफ थे, इसलिए यह अनुष्ठान हुआ।
राहुल ने उठाए दलितों की वर्तमान स्थिति पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने भाषण में देश में दलितों के साथ हो रहे रोजमर्रा के भेदभाव का भी प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा:
- स्कूलों में सफाई: आज भी कई जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में शौचालय साफ कराने और झाड़ू लगाने जैसे काम कराए जाते हैं, जिसका बच्चों की मानसिकता पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
- कुएं और चाय की दुकानों पर भेदभाव: ग्रामीण भारत में कई स्थानों पर दलितों को आज भी गांव के साझा कुएं से पानी नहीं लेने दिया जाता। चाय की दुकानों पर दलितों के लिए अलग डिस्पोजेबल कप (कागज/प्लास्टिक) रखे जाते हैं। यह केवल एक राज्य की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे देश की कड़वी सच्चाई है।






