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छत्तीसगढ़ मौसम अलर्ट 29 जुलाई: 6 जिलों में अत्यधिक बारिश का रेड अलर्ट, रायपुर समेत कई जिले खतरे में

रायपुर। छत्तीसगढ़ मौसम अलर्ट में बुधवार, 29 जुलाई 2026 के लिए चेतावनी का स्तर बढ़ा दिया गया है। बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ा डीप डिप्रेशन ओडिशा के रास्ते उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पहुंच रहा है। इसके असर से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और चुनिंदा जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए सुबह उपलब्ध चेतावनी में अत्यधिक बारिश का रेड अलर्ट दिखाया गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपना राष्ट्रीय बुलेटिन 29 जुलाई की रात 1 बजकर 28 मिनट पर जारी किया। इसमें मौसम प्रणाली की वास्तविक स्थिति 28 जुलाई की रात 11:30 बजे की दी गई है। उस समय डीप डिप्रेशन उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे लगे दक्षिण झारखंड तथा छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित था। इसका केंद्र रायगढ़ से करीब 110 किलोमीटर पूर्व में था और यह पिछले छह घंटे के दौरान लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा था। इसके अगले 24 घंटों में उत्तर छत्तीसगढ़ से गुजरने की संभावना जताई गई है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा?

ताज़ा चेतावनी में बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायपुर में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, मुंगेली, राजनांदगांव, कबीरधाम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कई अन्य जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम की चेतावनियां कुछ घंटों में बदल सकती हैं, इसलिए जिले का नवीनतम अलर्ट स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग से जांचना जरूरी है।

आईएमडी ने 29 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान दिया है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की तकनीकी परिभाषा में 24 घंटे में 204.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश को अत्यधिक भारी वर्षा माना जाता है। 30 जुलाई को बारिश की तीव्रता कम होने का अनुमान है, लेकिन कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में तेज हवा भी चलेगी

बारिश के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे लगे ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इससे कमजोर पेड़ या उनकी शाखाएं गिरने, कच्चे मकानों और टिन की छतों को नुकसान, फसलों के प्रभावित होने और सड़कों पर आवाजाही बाधित होने का खतरा है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में निचली बस्तियों, छोटे नालों और नदी किनारे बसे गांवों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।

रायपुर में बुधवार को रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। कुछ दौर तेज हो सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायपुर जिले के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बिजली गिरने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

समाचार रिपोर्टों के मुताबिक मंगलवार, 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से कम-से-कम पांच लोगों की मौत हुई और 12 लोग घायल हुए। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में घटनाएं सामने आईं। इनमें खेत और खुले स्थानों पर मौजूद लोग भी प्रभावित हुए। यह घटनाएं 28 जुलाई की हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को गरज सुनाई देते ही किसी पक्के भवन में जाने, पेड़ के नीचे नहीं रुकने और जलाशय, तालाब, नदी या खुले खेत से बाहर निकलने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल चार्जर और अन्य विद्युत उपकरणों को प्लग से निकालना चाहिए। पानी से भरी सड़क, पुलिया या नाले को वाहन से पार करने की कोशिश नहीं करें। ग्रामीण इलाकों में पशुओं को पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थान पर रखना भी जरूरी है।

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