Maharashtra Politics: बागी सांसदों पर भड़के संजय राउत, बोले- ‘इनकी रिक्शा में घूमने की औकात नहीं थी’, लगाया करोड़ों की डील का आरोप

मुंबई: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपनी ही पार्टी के बागी रुख अपनाने वाले नेताओं और सांसदों पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बागी नेताओं पर बेईमानी और वित्तीय लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए।
संजय राउत का दावा है कि सांसदों को पाला बदलने के लिए एक बड़ी रकम का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें से एक हिस्सा एडवांस के तौर पर भी चुकाया जा चुका है।
चार्टर्ड प्लेन से ‘उठाए गए’ सांसद: संजय राउत
संजय राउत ने बागी नेताओं की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के नाम पर नांदेड़ हवाई अड्डे से दो सांसदों को एक चार्टर्ड प्लेन के जरिए ले जाया गया है।
राउत ने निशाना साधते हुए कहा, “इनकी रिक्शा में घूमने की औकात नहीं थी। आज ये निजी विमान से घूम रहे हैं, तो सिर्फ ‘ठाकरे’ नाम की वजह से इनकी राजनीतिक कीमत बढ़ी है। हर एक चीज का हिसाब किया जाएगा।” हालांकि, राउत ने अपने बयान में उन दोनों सांसदों के नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया।
“50 करोड़ रुपये की डील का आरोप”
राउत ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का मुद्दा उठाया।
महुआ मोइत्रा के एक तंज का जवाब देते हुए राउत ने लिखा, “सांसदों का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) तो पचास करोड़ तय हुआ है, जिसमें पंद्रह करोड़ रुपये तो सिर्फ एडवांस हैं। सच कहूं तो ये लोग पचास हजार रुपये के भी लायक नहीं हैं। इनकी कीमत तो सिर्फ शिवसेना और टीएमसी ब्रांड के लेबल की वजह से इतनी बढ़ गई है।”
विपक्षी खेमे का पलटवार: संजय निरुपम का हमला
संजय राउत द्वारा बागी रुख अपनाने वाले सांसदों के खिलाफ कड़े और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने पर विपक्षी नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस मामले पर पलटवार करते हुए कहा:
- “UBT के सांसदों और विधायकों में अपने मौजूदा नेतृत्व के प्रति भारी असंतोष और अविश्वास की भावना है। इसी छटपटाहट और बेचैनी की वजह से वे अलग रास्ता चुन रहे हैं।”
- “संजय राउत कल तक जिन सांसदों के लिए प्रेम और आदर की भाषा का इस्तेमाल करते थे, आज वे उन्हें सार्वजनिक मंचों से कोस रहे हैं और बिकाऊ कह रहे हैं। यह साफ दर्शाता है कि आपकी पार्टी का संगठनात्मक नेतृत्व पूरी तरह बिखर चुका है।”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की खबरें
इन तीखे बयानों के बीच देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बागी सांसदों के एक समूह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है।
कहा जा रहा है कि स्पीकर ने सांसदों द्वारा सौंपा गया पत्र स्वीकार कर लिया है, हालांकि इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ये बागी सांसद पहले लोकसभा में अपना एक स्वतंत्र समूह बना सकते हैं और उसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को अपना समर्थन देने की घोषणा कर सकते हैं।






