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Education News: NEET UG परीक्षा में इंसुलिन पंप ले जा सकेगी टाइप वन डायबिटीज पीड़ित छात्रा, NTA का बड़ा फैसला

NEET UG NTA Decision:Education News: NEET UG परीक्षा में इंसुलिन पंप ले जा सकेगी डायबिटीज पीड़ित छात्रा, NTA ने दी अनुमति

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) में शामिल होने वाले गंभीर मेडिकल कंडीशन वाले छात्रों को एक बड़ी राहत दी है। कलपक्कम के केंद्रीय विद्यालय (KV) स्कूल में परीक्षा देने वाली एक छात्रा के मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए, एनटीए ने उसे इंसुलिन पंप के साथ परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति दे दी है।

क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, एक छात्रा टाइप वन डायबिटीज (Type-1 Diabetes) से पीड़ित है और उसका नीट यूजी का परीक्षा केंद्र कलपक्कम का केवी स्कूल तय किया गया है। छात्रा के परिजनों ने एनटीए से संपर्क कर पूछा था कि इस मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति को परीक्षा केंद्र पर कैसे हैंडल किया जाएगा। इस संवेदनशील मामले पर एनटीए ने तुरंत जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित परीक्षा केंद्र को इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया है। छात्रा बिना किसी परेशानी के अपना इंसुलिन पंप परीक्षा में साथ ले जा सकेगी।

एडमिट कार्ड में जानकारी न होने पर घबराएं नहीं यह फैसला उन सभी मेडिकल छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो टाइप वन डायबिटीज या किसी अन्य गंभीर मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे हैं। कई बार ऐसा होता है कि नीट यूजी का आवेदन फॉर्म भरते समय छात्र अपनी बीमारी का जिक्र करते हैं, लेकिन एडमिट कार्ड में जगह की कमी या तकनीकी कारणों से वह जानकारी प्रिंट नहीं हो पाती।

एनटीए ने अपने हालिया जवाब में यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि एडमिट कार्ड पर जानकारी न छपने से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बोर्ड के सर्वर में छात्रों का पूरा मेडिकल डेटा सुरक्षित रहता है। यदि उम्मीदवार ने फॉर्म में सही मेडिकल जानकारी भरी है, तो परीक्षा नियामक द्वारा संबंधित परीक्षा केंद्रों को ऐसे विशेष छात्रों की सूची एडवांस में भेज दी जाती है, ताकि उन्हें परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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