World News: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा प्रस्ताव, ट्रंप बोले- युद्ध करो या समझौता

Iran Peace Proposal US:ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक एक नया प्रस्ताव पहुंचाया है। हालांकि इस प्रस्ताव की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने से संबंधित है।
प्रस्ताव में क्या है और अमेरिका की क्या है चिंता अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव में मुख्य मुद्दों पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है, जिस पर इस प्रस्ताव में कोई ठोस बात नहीं कही गई है।
बातचीत फिर से क्यों अटक गई ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के सामने वही पुरानी अड़चनें फिर से खड़ी हो गई हैं:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन
- अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत की मांग
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का मुद्दा
अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की पक्की गारंटी दे, लेकिन ईरान इस विषय को भविष्य पर टालना चाहता है।
ट्रंप का सख्त रुख: युद्ध करो या समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपना रुख बेहद सख्त रखा है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि यदि कूटनीतिक बातचीत विफल होती है, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प हमेशा खुला है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनके पास केवल दो ही विकल्प हैं- या तो हमला करो या फिर समझौता करो।
अमेरिका में कानूनी विवाद इस बीच अमेरिका की आंतरिक राजनीति में भी एक नया विवाद जन्म ले चुका है। युद्ध पावर्स एक्ट के तहत साठ दिन से अधिक की सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होती है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि युद्धविराम लागू होने के कारण यह समयसीमा रुक गई है। हालांकि, कई कानूनी विशेषज्ञ इस दावे को विवादास्पद मान रहे हैं।
रूस की भूमिका पर चर्चा परमाणु संकट को सुलझाने के लिए एक नया विकल्प यह सामने आया है कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम रूस भेज सकता है। इस संभावित समाधान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत भी हुई है, लेकिन फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।



