Chhattisgarh Teeja Saree Market: तीजा से पहले बाजार में तेजी, कारोबारियों को प्रदेश में 700 करोड़ रुपये से अधिक के साड़ी कारोबार की उम्मीद

छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को मनाए जाने वाले तीजा पर्व से पहले कपड़ा बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। (Chhattisgarh Teeja Saree Market) राजधानी रायपुर के पंडरी कपड़ा बाजार से लेकर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों तक साड़ियों की खरीदारी तेज होने की खबर है। व्यापारियों का अनुमान है कि तीजा के दौरान राज्यभर में साड़ियों का कारोबार 700 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है।
यह आंकड़ा सरकारी बिक्री डेटा नहीं, बल्कि कारोबारियों और बाजार प्रतिनिधियों का अनुमान है। रायपुर में ही 400 से 450 करोड़ रुपये तक के कारोबार की संभावना जताई गई है।
तीजा के लिए साड़ी खरीदने की परंपरा से बाजार में रौनक
छत्तीसगढ़ में तीजा विवाहित महिलाओं से जुड़ा प्रमुख पारंपरिक पर्व है। इस मौके पर मायके पक्ष की ओर से बहन-बेटियों को साड़ी देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
यही वजह है कि त्योहार के पहले कपड़ा बाजार में साड़ियों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। इस बार भी रायपुर के पंडरी बाजार में थोक और खुदरा दोनों स्तर पर खरीदार पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बढ़ी खरीदारी के कारण पंडरी कपड़ा बाजार की कई दुकानें देर रात तक खुल रही हैं।
कारोबारियों का अनुमान, प्रदेश में 700 करोड़ से अधिक बिक्री
पंडरी कपड़ा बाजार एसोसिएशन से जुड़े कारोबारी चंदर विदानी ने तीजा सीजन में प्रदेशभर में लगभग 700 करोड़ रुपये के साड़ी कारोबार की संभावना जताई है।
उनके अनुसार इसमें सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी रायपुर का हो सकता है। रायपुर में 400 से 450 करोड़ रुपये तक कारोबार होने का अनुमान लगाया गया है।
रायपुर का आंकड़ा बड़ा होने की एक वजह यह भी है कि पंडरी बाजार केवल स्थानीय खुदरा ग्राहकों पर निर्भर नहीं है। यहां से प्रदेश के दूसरे जिलों के दुकानदार भी थोक खरीदारी करते हैं और आसपास के राज्यों के कारोबारी भी पहुंचते हैं।
800 रुपये से शुरू अच्छी साड़ियों की रेंज
व्यापारियों के मुताबिक इस बार ग्राहकों में वर्क वाली और अपेक्षाकृत बेहतर क्वालिटी की साड़ियों की मांग अधिक है।
बाजार में लगभग 800 रुपये से 5 हजार रुपये तक की श्रेणी में बड़ी संख्या में विकल्प उपलब्ध हैं। इसके साथ ही 10 हजार रुपये और उससे अधिक कीमत वाली साड़ियों का अलग ग्राहक वर्ग है।
वर्क वाली साड़ियों की कीमत में पिछले वर्षों की तुलना में अलग-अलग बजट के विकल्प बढ़ने की बात कारोबारी बता रहे हैं। पहले जिस तरह का काम महंगे सेगमेंट तक सीमित माना जाता था, अब उसी तरह के डिजाइन कम कीमत के विकल्पों में भी मिल रहे हैं।
सूरत से आती हैं बड़ी संख्या में साड़ियां
रायपुर के कारोबारियों के अनुसार वर्क और फैशन सेगमेंट की बड़ी संख्या में साड़ियां सूरत से आती हैं। तीजा से पहले थोक कारोबारियों द्वारा स्टॉक बढ़ाए जाने के कारण बाजार में विभिन्न डिजाइन और कीमतों की रेंज दिखाई दे रही है।
मध्यम आय वाले परिवार भी इस बार बेहतर डिजाइन और वर्क वाली साड़ियों की खरीदारी कर रहे हैं, जबकि प्रीमियम श्रेणी के खरीदारों के लिए 10 हजार रुपये से ऊपर तक उत्पाद उपलब्ध हैं।
700 करोड़ का आंकड़ा अनुमान, अंतिम बिक्री बाद में स्पष्ट होगी
त्योहारी बाजार की रिपोर्टिंग में कारोबार अनुमान और वास्तविक बिक्री में अंतर समझना जरूरी है। अभी 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा व्यापारी संगठनों की संभावना है। त्योहार समाप्त होने के बाद वास्तविक कारोबार का आकलन अलग हो सकता है।
इसलिए इसे “700 करोड़ का कारोबार हो गया” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। सही स्थिति यह है कि कारोबारी वर्तमान खरीदारी और थोक मांग को देखते हुए राज्यभर में 700 करोड़ रुपये से अधिक बिक्री की संभावना जता रहे हैं।
रायपुर के लिए सितंबर का बड़ा खुदरा सीजन
तीजा से पहले साड़ी बाजार में आई तेजी कपड़ा कारोबारियों के लिए सितंबर का महत्वपूर्ण बिक्री दौर बन गई है। पंडरी जैसे थोक बाजार में गतिविधि बढ़ने का असर रायपुर से बाहर के खुदरा बाजारों तक भी पहुंचता है।
अगले कुछ दिनों में तीजा की तारीख नजदीक आने के साथ खरीदारी और तेज हो सकती है। अंतिम कारोबारी आंकड़ा त्योहार के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन अभी बाजार का रुझान उत्साहजनक बताया जा रहा है।






