Chhattisgarh News

Raipur Teacher Murder:30 लाख के लिए हैवान बना टीचर: साथी शिक्षक को सुनसान जंगल में ले जाकर हथौड़े से मार डाला, VSK ऐप से खुला खौफनाक राज

Raipur Teacher Murder:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे आरंग इलाके में इंसानियत और दोस्ती को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पैसों के लेन-देन के विवाद में एक सरकारी शिक्षक ने अपने ही साथी शिक्षक की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पूरी प्लानिंग के साथ इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और खुद को बचाने के लिए अपनी डिजिटल हाजिरी (Attendance) से भी शातिराना ढंग से छेड़छाड़ की, लेकिन पुलिस की हाईटेक जांच से वह बच नहीं सका।

महानदी के किनारे मिली थी खून से लथपथ लाश

17 सितंबर 2026 को आरंग पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बनचरौदा के पास महानदी के तट पर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। शव के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे साफ था कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, तो मृतक की शिनाख्त शिवकुमार चंद्राकर (46 वर्ष) के रूप में हुई। शिवकुमार मूल रूप से गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर डंगनिया का रहने वाला था और कुम्हारी के एक स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ था।

30 लाख का उधार और तीन महीने का ब्याज बनी मौत की वजह

पुलिस ने शक के आधार पर मृतक के ही स्कूल में पढ़ाने वाले साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लिया। 18 सितंबर को कड़ाई से पूछताछ करने पर चंद्रप्रकाश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि वह और मृतक शिवकुमार पिछले 4 साल से रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट (सर्राफा बाजार) में मिलकर ट्रेडिंग करते थे। चंद्रप्रकाश ने शिवकुमार को 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में शिवकुमार ने ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक (Blank Cheque) गारंटी के तौर पर दे रखे थे। शिवकुमार हर महीने इस रकम का ब्याज चुकाता था, लेकिन पिछले 3 महीने से उसने पैसे नहीं दिए थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच गहरी तनातनी चल रही थी।

खौफनाक साजिश: स्कूटी पर ले गया, फिर हथौड़े से कुचला

घटना वाले दिन (17 सितंबर) कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास दोनों के बीच पैसों को लेकर फिर तीखी बहस हुई। इसके बाद चंद्रप्रकाश ने साजिश के तहत शिवकुमार को अपनी सफेद स्कूटी पर बिठाया और बात करने के बहाने बनचरौदा के सुनसान जंगल की तरफ ले गया।

वहां पहुंचते ही आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से छिपाकर रखे धारदार हथियार और हथौड़े से शिवकुमार पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस जानलेवा हमले में शिवकुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

VSK ऐप और CCTV फुटेज ने खोला झूठ का पुलिंदा

आरोपी चंद्रप्रकाश ने खुद को बचाने के लिए बेहद शातिर चाल चली थी, लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स ने उसे पकड़वा दिया:

  • शिक्षा विभाग के ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) ऐप की लॉग रिपोर्ट और सीसीटीवी से पुलिस को पता चला कि आरोपी 17 सितंबर की सुबह 9:30 बजे स्कूल पहुंचा था।
  • अपनी हाजिरी दर्ज करने के बाद वह अपना मोबाइल बंद करके निजी काम का बहाना बनाकर स्कूल से निकल गया।
  • हत्या को अंजाम देने के बाद वह दोपहर करीब 1 बजे वापस स्कूल लौटा और दूसरे शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी, ताकि पुलिस को लगे कि वह पूरे समय स्कूल में ही मौजूद था।
  • हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने शिवकुमार को आखिरी बार आरोपी की सफेद स्कूटी पर ही जाते देखा था, जिसने पुलिस की तफ्तीश की पूरी दिशा तय कर दी।

पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा, धारदार हथियार, खून से सने कपड़े और जूते, घटना में प्रयुक्त स्कूटी, तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स और मोबाइल बरामद कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

Related Articles

Back to top button