Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन; प्रधान के इस्तीफे पर क्या हुई बात? जानें

Sonam Wangchuk Hunger Strike: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अड़ी हुई है। इसी बीच, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है।(Sonam Wangchuk Hunger Strike) सरकार के मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर उनका अनशन तुड़वाया।
वांगचुक ने बताया कि सरकार ने प्रधान के इस्तीफे की मांग पर तत्काल कुछ नहीं कहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा न करने से सरकार अपना ही नुकसान कर रही है।
खबर की मुख्य बातें
- अनशन खत्म: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना भूख हड़ताल खत्म कर दिया है।
- अस्पताल पहुंचे मंत्री: जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर अनशन तुड़वाया।
- इस्तीफे पर अड़ी CJP: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
- अहम बैठक: CJP प्रतिनिधियों और सरकार के बीच 1 बैठक होने की संभावना है।
11 मिनट के वीडियो में बताई अनशन तोड़ने की वजह
वांगचुक ने शुक्रवार को 11 मिनट का 1 वीडियो मैसेज शेयर किया। इसमें उन्होंने अनशन तोड़ने की वजह और सरकार के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता को सरकार का पक्ष बताया और उनका अनशन खत्म कराया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले वांगचुक?
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई तत्काल भरोसा नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, “अब मेरे सामने 2 रास्ते थे। या तो मैं हफ्तों और अनशन पर बैठूं और शायद उसी में खत्म हो जाऊं। मगर मैं यह भी नहीं मानता कि हमने यह हासिल नहीं किया है। मेरा दिमाग अलग तरह से चलता है। अगर वे इस्तीफा नहीं देते, तो इससे हमें या बच्चों को हानि नहीं होगी, बल्कि सरकार का खुद नुकसान होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर वे इस्तीफा दे देते, तो उनका सारा नुकसान रुक जाता। इसलिए मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी यह बात नहीं थी। ज्यादा जरूरी यह था कि हमारे बच्चों पर कोई झूठे केस ना लगें।”
सरकार ने मानी ये मांगें, मिलेगा मुआवजा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है। इसके साथ ही, हाल के NEET पेपर लीक प्रकरणों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ितों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक विचार कर रही है।
वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया। यह निर्णय लंबी वार्ता और देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
जंतर-मंतर पर जारी रहेगा CJP का विरोध प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए धन्यवाद दिया है। हालांकि, पार्टी ने साफ कर दिया है कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। शुक्रवार को ही CJP के प्रतिनिधियों और सरकार के मंत्रियों के बीच 1 अहम मीटिंग होने जा रही है। यह मुलाकात दोपहर 12 बजकर 30 मिनट के आसपास हो सकती है।






