Chhattisgarh Waqf Board DJ Ban: हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, 25 मई का आदेश फिलहाल ठंडे बस्ते में

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका देते हुए दरगाहों, उर्स और मजहबी जलसों में डीजे, धूमाल और नाच-गाने पर लगाई गई पाबंदी के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह Chhattisgarh Waqf Board DJ ban आदेश 25 मई 2026 को जारी किया गया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद अब अंतिम सुनवाई तक पूर्ववत धार्मिक आयोजन जारी रह सकेंगे।
वक्फ बोर्ड ने क्या आदेश दिया था? Chhattisgarh Waqf Board DJ Ban
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने 25 मई 2026 को एक कड़ा आदेश जारी किया था। इसमें प्रदेश की सभी दरगाहों, उर्स और धार्मिक जलसों में डीजे, धूमाल और नाच-गाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।
बोर्ड का तर्क था कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इस आदेश के जारी होते ही प्रदेश में धार्मिक आयोजनों से जुड़े लोगों में असंतोष और बहस का माहौल बन गया था।
हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका
वक्फ बोर्ड के इस आदेश को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीधे चुनौती दी गई। याचिकाकर्ताओं का पक्ष था कि यह आदेश मनमाना है और इससे वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं तथा आयोजनों के उत्साह पर गहरा असर पड़ रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि बोर्ड ने बिना व्यापक विचार-विमर्श के इतना कड़ा आदेश थोप दिया, जो व्यावहारिक रूप से लागू करना कठिन है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने Chhattisgarh Waqf Board DJ ban के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। इसका सीधा अर्थ यह है कि अदालत का अंतिम फैसला आने तक वक्फ बोर्ड का 25 मई का आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
अब न तो डीजे और धूमाल पर प्रतिबंध लागू होगा और न ही बोर्ड किसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूल कर पाएगा। कोर्ट के इस आदेश से धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को फिलहाल राहत मिली है।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक तो लगा दी है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी। अगली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और उसके आधार पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।
जब तक अंतिम आदेश नहीं आता, प्रदेश में दरगाहों और उर्स में पूर्व की तरह आयोजन होते रहेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।






