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Bhupesh Baghel on NEET and Electricity: ‘CM और शिक्षा मंत्री पहले खुद मंत्र पढ़कर दिखाएं’, भूपेश बघेल ने NEET, बिजली बिल और स्कूलों में मंत्रोच्चार पर BJP को घेरा

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। दुर्ग में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बिजली की बढ़ी दरों, NEET पेपर लीक विवाद और स्कूलों में अनिवार्य किए गए मंत्रोच्चार जैसे अहम मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आड़े हाथों लिया।

“हमारी सरकार ने दी थी हाफ बिजली बिल की राहत”

भूपेश बघेल ने राज्य में बिजली की दरों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी हुई है और पिछले ढाई सालों में इसमें एक तिहाई की वृद्धि कर दी गई है।

  • जनता और किसान परेशान: बघेल ने कहा कि इस बढ़ोतरी से आम जनता और किसान बेहद परेशान हैं।
  • कांग्रेस सरकार की याद: अपनी सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने कभी बिजली की दरें नहीं बढ़ाईं, बल्कि जनता को ‘हाफ बिजली बिल’ योजना का सीधा लाभ दिया था।”
  • नकली खाद का मुद्दा: इसके साथ ही उन्होंने बाजारों में नकली खाद मिलने और उसे महंगे दामों पर बेचे जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से किसानों को तुरंत राहत देने की मांग की।

NEET पेपर लीक: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

देशभर में चल रहे NEET परीक्षा विवाद पर पूर्व सीएम ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आज तक एक भी परीक्षा ऐसी नहीं हुई है, जो पेपर लीक या पेपर चोरी से बची हो।

बघेल ने कहा कि इस भारी अव्यवस्था के कारण देशभर के छात्र डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

“लोकसभा को मंदिर की जगह मंडी बना दिया”

विपक्षी नेताओं की कथित खरीद-फरोख्त (Horse Trading) पर तंज कसते हुए बघेल ने कहा कि वर्तमान सरकार के पास निराश्रितों को पेंशन देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसद और विधायक खरीदने के लिए करोड़ों रुपये पड़े हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “पैसे के दम पर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और लोकसभा को मंदिर की जगह मंडी बना दिया गया है।”

वहीं, राहुल गांधी के दौरे और राजनीति पर उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेता उनसे डरते हैं और उन्हें बार-बार डी-रेल (भटकाने) करने की कोशिश करते हैं, लेकिन राहुल गांधी अपनी धुन के पक्के हैं।

स्कूलों में मंत्रोच्चार पर दी CM को चुनौती

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मंत्रोच्चार अनिवार्य किए जाने के फैसले को भूपेश बघेल ने सीधे तौर पर ‘संविधान के विपरीत’ बताया है।

  • विविधता का हवाला: उन्होंने कहा कि समाज में हिंदू गायत्री मंत्र का जाप करते हैं, लेकिन यहाँ कबीर, गुरु घासीदास, सिख और महावीर स्वामी को मानने वाले लोग भी रहते हैं। सब पर एक जैसी चीजें थोपना पूरी तरह से गलत है।
  • CM और शिक्षा मंत्री को चुनौती: बघेल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों को मंत्र सिखाने से पहले शिक्षा मंत्री और खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसे पढ़कर दिखाएं।
  • बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता: उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि बच्चों को इतनी देर तक कड़ी धूप में खड़ा रखने से वे बीमार पड़ सकते हैं।

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