Petrol Diesel Price Today: एथनॉल-चीनी विवाद पर सरकार की सफाई के बाद जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट; जानें 22 अगस्त का ताजा भाव

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल में एथनॉल (Ethanol Blending) मिलाए जाने की पॉलिसी और देश में चीनी के बढ़ते दामों के बीच कथित कनेक्शन को लेकर चल रही चर्चाओं पर सरकार ने कड़ी सफाई दी है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद आज, शनिवार 22 अगस्त 2026, को पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel Prices) की नई कीमतें जारी हो गई हैं।
अगर आप आज अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने जा रहे हैं, तो आइए डिटेल में जान लेते हैं कि आज तेल की कीमतों में कोई बदलाव हुआ है या नहीं, और ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil) का क्या हाल है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- आज के रेट: 22 अगस्त को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- मई के बाद से स्थिर: 25 मई को हुई आखिरी कटौती के बाद से ईंधन की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं।
- क्रूड ऑयल में उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड और US क्रूड दोनों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
- सरकार की सफाई: एथनॉल पॉलिसी के कारण चीनी के दाम बढ़ने के दावों को सरकार ने पूरी तरह भ्रामक बताया।
क्या हुए हैं कीमतों में बदलाव? (Petrol Diesel Price on 22 August)
राहत की बात यह है कि 22 अगस्त को भी देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है।
- दिल्ली (Delhi): देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
- मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में कीमतें स्थिर हैं। यहां पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
बता दें कि 25 मई को केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) घटाने के बाद से देश भर में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उस वक्त पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
ग्लोबल मार्केट: क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी
रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है।
- ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): इस हफ्ते ब्रेंट फ्यूचर्स में 6.39% की बढ़त देखी गई और यह 61 सेंट (0.65%) बढ़कर $94.39 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
- WTI क्रूड (US Crude): वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में लगातार छह सेशन तक बढ़त रही। यह 5.66% की साप्ताहिक बढ़त के साथ शुक्रवार को 23 सेंट (0.26%) बढ़कर $87.06 प्रति बैरल पर बंद हुआ।
सरकार का बड़ा बयान: एथनॉल और चीनी के दाम के कनेक्शन को नकारा
इस बीच, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की पॉलिसी के कारण देश में चीनी (Sugar Prices) महंगी हो रही है।
सरकार ने क्या दिए तर्क?
- एथनॉल के लिए चीनी का इस्तेमाल घटा: सरकार ने स्पष्ट किया कि चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को एथनॉल उत्पादन से जोड़ना गलत है। दरअसल, एथनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 के लगभग 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% हो गया है।
- अनाज से बन रहा एथनॉल: देश में उत्पादित होने वाले कुल एथनॉल का लगभग तीन-चौथाई (75%) हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्के (Maize) से तैयार किया जा रहा है।
- चीनी महंगी होने की असली वजह: सरकार ने बताया कि चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी के पीछे कई अन्य कारण हैं:
- उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन (मौसम की मार के कारण गन्ने की फसल को नुकसान)।
- त्योहारी सीजन (Festive Season) से पहले बढ़ती मांग।
- दुनिया भर में चीनी की आपूर्ति (Supply) में कमी।
- उद्योग जगत के कुछ हिस्सों द्वारा सट्टेबाजी (Speculation) और जमाखोरी (Hoarding)।
घरेलू खपत और उत्पादन के आंकड़े: सरकार ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि भारत में आम तौर पर सालाना लगभग 320-340 LMT (लाख मीट्रिक टन) चीनी का उत्पादन होता है, जबकि घरेलू खपत लगभग 280-290 LMT के बीच रहती है। ऐसे में देश में चीनी की कोई भारी कमी नहीं है।






