US Iran Peace Proposal: अमेरिका-ईरान शांति प्रस्ताव पर सस्पेंस! ट्रम्प ने जताया संदेह, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान लाएगा नया कानून

US Iran Peace Proposal:अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक और सैन्य हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। एक तरफ जहां शांति वार्ता की कोशिशें की जा रही हैं, वहीं दोनों देशों की तरफ से आक्रामक बयानबाजी भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान द्वारा भेजे गए एक नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा करने की बात तो कही है, लेकिन साथ ही इसकी सफलता पर गहरा संदेह भी जताया है। वहीं, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक नया और कड़ा कानून लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।
शांति प्रस्ताव पर डोनाल्ड ट्रम्प का बयान
ईरान की एजेंसियों के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक 14-पॉइंट का शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया फ्रेमवर्क बनाने की बात कही गई है।
- ट्रम्प की प्रतिक्रिया: ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि वे इस प्रस्ताव को जल्द देखेंगे, लेकिन इसके स्वीकार होने की संभावना बेहद कम है।
- ईरान पर निशाना: ट्रम्प ने कड़े शब्दों में कहा कि पिछले 47 सालों में ईरान ने जो अपराध किए हैं, उसकी कीमत चुकाना अभी बाकी है।
ईरान का रुख: ‘अमेरिका पर भरोसा नहीं’
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया है कि अब अमेरिका को तय करना है कि वह बातचीत चाहता है या टकराव; ईरान दोनों के लिए तैयार है।
- सैन्य चेतावनी: ईरानी सेना के सीनियर अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अमेरिका के किसी भी गलत कदम का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
- दिखावटी कदम: असदी ने अमेरिकी कदमों को मीडिया स्टंट बताते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य मकसद तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और अपनी ही बनाई मुश्किलों से बचना है।
- NPT उल्लंघन का आरोप: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका पर परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के नियमों का पिछले 56 सालों से पालन न करने का आरोप लगाया है, जबकि उसके पास हजारों परमाणु हथियार हैं। ईरान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में यूरेनियम संवर्धन पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नया कानून
सीजफायर वार्ता के बीच ईरान की संसद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक नया बिल ला रही है, जो वैश्विक शिपिंग के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजी-बाबाई ने इस बिल की जानकारी दी:
पूर्व अनुमति अनिवार्य: अन्य सभी देशों के जहाजों को भी इस रास्ते का इस्तेमाल करने से पहले ईरान से अनुमति लेनी होगी। युद्ध के बाद होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी।
इजराइल पर पाबंदी: इस कानून के तहत इजराइल के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की बिल्कुल इजाजत नहीं दी जाएगी।
युद्ध का मुआवजा: दुश्मन देशों के जहाजों को यहां से गुजरने के लिए युद्ध का भारी मुआवजा देना होगा।



