Chhattisgarh News

Raipur PM Awas Debate: रायपुर प्रेस क्लब में भूपेश बघेल और विजय शर्मा आमने-सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंगलवार को एक अलग तस्वीर दिखाई दी।(Raipur PM Awas Debate) प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लगातार चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने बैठे। Raipur PM Awas Debate में दोनों नेताओं ने योजना से जुड़े आंकड़ों और अपने-अपने कार्यकाल की स्थिति को लेकर पक्ष रखा। यह बहस इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से चुनौती और जवाब का सिलसिला चल रहा था। मंगलवार को वही राजनीतिक चुनौती मीडिया के सामने सीधी चर्चा में बदल गई।

पीएम आवास के आंकड़ों पर छिड़ी थी सियासी लड़ाई

विवाद की जड़ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में स्वीकृत और पूर्ण मकानों के आंकड़े हैं। भाजपा और कांग्रेस लंबे समय से एक-दूसरे के शासनकाल को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की ओर से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर योजना की रफ्तार प्रभावित होने के आरोप लगाए गए थे। दूसरी ओर भूपेश बघेल सरकार के समय हुए कार्यों और स्वीकृतियों को लेकर कांग्रेस का अपना पक्ष रहा है।

इसी राजनीतिक टकराव के बीच सार्वजनिक बहस की बात सामने आई। विजय शर्मा की ओर से चर्चा का प्रस्ताव आने के बाद भूपेश बघेल ने भी सामने बैठकर बात करने पर सहमति जताई। इसके बाद मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब मंच बना। बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही और सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी लगाया गया।

विजय शर्मा ने रखे आवास से जुड़े आंकड़े

बहस के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कई आंकड़े रखे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 11 लाख 75 हजार आवास पूरे किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान करीब 3 लाख आवास स्वीकृत हुए, जबकि मौजूदा सरकार में नए आवासों की स्वीकृति और निर्माण की गति बढ़ी है।

विजय शर्मा ने 3.65 लाख नए आवासों की स्वीकृति का भी दावा किया और कहा कि मौजूदा सरकार की पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास से जुड़ा निर्णय लिया गया था। ये आंकड़े बहस में उपमुख्यमंत्री द्वारा रखे गए राजनीतिक और सरकारी पक्ष के दावे हैं। इन्हें उसी संदर्भ में पढ़ा जाना चाहिए क्योंकि चर्चा के दौरान दोनों पक्ष योजना की अलग-अलग अवधि और अलग-अलग चरणों के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे थे।

भूपेश बोले- आज स्थिति साफ हो जाएगी

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस क्लब पहुंचने के बाद कहा कि आज इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उनका जोर इस बात पर रहा कि आवास योजना को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनकी तुलना वास्तविक स्वीकृतियों और कार्यकाल के हिसाब से होनी चाहिए।

यहीं इस बहस का सबसे अहम पहलू भी है। प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी एक वर्ष का आंकड़ा पूरी तस्वीर नहीं बताता। स्वीकृति, हितग्राही चयन, पहली किस्त, निर्माण की शुरुआत और आवास पूर्ण होने के चरण अलग-अलग समय पर पूरे होते हैं। इसलिए राजनीतिक दावों का मूल्यांकन करते समय यह देखना जरूरी होगा कि संबंधित आंकड़ा स्वीकृत आवासों का है, निर्माणाधीन आवासों का या पूरी तरह तैयार मकानों का।

सीधे सवाल-जवाब ने बढ़ाई राजनीतिक दिलचस्पी

आम तौर पर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर विधानसभा, प्रेस कॉन्फ्रेंस या राजनीतिक सभाओं में आरोप लगाते हैं। इस बार दोनों नेता एक ही मंच पर बैठे और एक-दूसरे के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हुए। इसी कारण यह घटनाक्रम सामान्य बयानबाजी से अलग दिखाई दिया।

विजय शर्मा ने चर्चा को स्वस्थ राजनीतिक संवाद के रूप में पेश किया। वहीं भूपेश बघेल इस बहस के जरिए आवास योजना को लेकर कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने पहुंचे। बहस के दौरान सामने रखे गए आंकड़ों को लेकर आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने-अपने दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड भी सार्वजनिक कर सकते हैं।

अब सरकारी रिकॉर्ड बनेगा असली कसौटी

पीएम आवास का मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध उन ग्रामीण और शहरी परिवारों से है जिन्हें पक्के मकान का इंतजार है। इसलिए बहस से निकलने वाला सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अलग-अलग सरकारों के दौरान वास्तव में कितने आवास स्वीकृत हुए, कितनों का निर्माण शुरू हुआ और कितने पूरे होकर हितग्राहियों को मिले।

राजनीतिक मंच पर दोनों नेता अपना-अपना पक्ष रख चुके हैं। अब इन दावों की सबसे ठोस कसौटी विभागीय वर्षवार रिकॉर्ड, स्वीकृति आदेश और पूर्णता के आंकड़े होंगे। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग अवधि के आंकड़ों की तुलना समान आधार पर की जा रही है या नहीं।

फिलहाल रायपुर प्रेस क्लब में हुई यह सीधी बहस छत्तीसगढ़ की राजनीति में पीएम आवास योजना को एक बार फिर प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने ले आई है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस दोनों इस बहस से निकले बिंदुओं को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button