Chhattisgarh Third Front:छत्तीसगढ़ में सियासत की नई बिसात: BJP और कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हुए 50 क्षेत्रीय दल, 28 अक्टूबर को ‘तीसरे मोर्चे’ का होगा आधिकारिक ऐलान

Chhattisgarh Third Front: छत्तीसगढ़ की सियासी पिच पर अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य में चुनावी मुकाबला अब सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच दोतरफा नहीं, बल्कि त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर एक मजबूत ‘तीसरे मोर्चे’ की जमीन तैयार हो चुकी है।
राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में रविवार को हुई एक गुप्त और अहम महा-मंथन बैठक में लगभग 50 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जन-मोर्चों ने एक मंच पर आकर दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के स्थापित एकाधिकार को सीधी चुनौती देने का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन केवल सांकेतिक विरोध के लिए नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए एक पुख्ता मास्टर प्लान के साथ मैदान में उतर रहा है।
बैठक के 3 बड़े टर्निंग पॉइंट्स: राष्ट्रीय मुद्दों से लेकर क्षेत्रीय अस्मिता तक(Chhattisgarh Third Front)
आमतौर पर क्षेत्रीय दलों की बैठकें केवल स्थानीय समस्याओं पर केंद्रित होती हैं, लेकिन रायपुर में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय और नीतिगत स्तर के कई कड़े फैसले लिए गए:
- CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव: बैठक में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वसम्मति से कड़ा निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चुनावी नियमों के कड़ाई से पालन की मांग उठाई।
- छत्तीसगढ़ी अस्मिता और जल-जंगल-जमीन पर फोकस: यह नया मोर्चा पूरी तरह से मूल छत्तीसगढ़ी अस्मिता, क्षेत्रीय स्वाभिमान और आदिवासियों व वंचित वर्गों के अधिकारों को अपना मुख्य एजेंडा बना रहा है। इसे भाजपा और कांग्रेस के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है।
- मजबूत क्षेत्रीय ताकतों का जमावड़ा: इस मोर्चे में बीएसपी (BSP), गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP), जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCC), भीम आर्मी और हमर राज पार्टी जैसे जनाधार वाले आक्रामक दल एक ही छत के नीचे आ गए हैं।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता और दल
इस रणनीतिक महा-मंथन में प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रीय और सामाजिक संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
| पार्टी / संगठन | प्रतिनिधित्व करने वाले नेता |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | जोन प्रभारी खटकर |
| छत्तीसगढ़िया पार्टी | देवराज साहू |
| छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच | पूरन लाल साहू |
| गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) | मिथलेश कुमार |
| भीम आर्मी / आजाद समाज पार्टी | मनोज बंजारे |
| जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCC) | जितेन्द्र बंजारे |
| हमर राज पार्टी | विनोद नागवंशी |
| बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा | नवनीत चांद |
| छत्तीसगढ़ महतारी पार्टी | विवेक पटेल |
28 अक्टूबर को रायपुर में ‘मेगा शो’: नाम और चेहरे का होगा खुलासा
गठबंधन की यह पहली बैठक सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें आगे की रणनीति भी तय कर ली गई है। सीट शेयरिंग (Seat Sharing) और साझा न्यूनतम कार्यक्रम यानी कॉमन मेनिफेस्टो (Common Manifesto) का ब्लूप्रिंट लगभग तैयार कर लिया गया है।
इस सियासी हलचल का अगला और सबसे निर्णायक पड़ाव 28 अक्टूबर 2026 को रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित होने वाली ‘वृहद बैठक’ होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसी दिन छत्तीसगढ़ के इस नए तीसरे मोर्चे के आधिकारिक नाम, नेतृत्व के चेहरे और आगामी चुनाव अभियान के रोडमैप की विधिवत घोषणा की जाएगी।






