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Tamil Nadu CM Oath Live: 1967 के बाद तमिलनाडु में बड़ा बदलाव, ‘थलापति’ विजय बने मुख्यमंत्री

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। 1967 के बाद यह पहला मौका है जब द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (AIADMK) के वर्चस्व को तोड़कर कोई अन्य नेता राज्य की सत्ता के शिखर तक पहुंचा है।

चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े राजनीतिक दिग्गज शामिल हुए।

गठबंधन के दम पर बनाई सरकार

विधानसभा चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सभी को चौंका दिया। हालांकि, पार्टी बहुमत के आंकड़े से कुछ दूर रह गई थी। इसके बाद सहयोगी दलों ने सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई:

  • समर्थन का गणित: TVK को कांग्रेस के 5 विधायक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के 2, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के 2 और विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) के 2 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ।
  • वाम दलों का स्टैंड: वाम दलों ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार को बाहर से समर्थन देंगे और मंत्री पद की कोई मांग नहीं करेंगे।
  • VCK की मांग: दूसरी तरफ, VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन की ओर से डिप्टी सीएम पद और कैबिनेट में उचित हिस्सेदारी की मांग की जा रही है, जिसने सियासी हलचलों को तेज कर दिया है।
  • IUML का इनकार: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने TVK को समर्थन देने की सभी खबरों का खंडन करते हुए खुद को मजबूती से DMK गठबंधन के साथ बताया है।

शपथ से पहले दिनभर रही सियासी हलचल

सरकार गठन से पहले चेन्नई में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहीं। विजय ने राजभवन जाकर राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस और वाम दलों द्वारा औपचारिक समर्थन पत्र सौंपे जाने के बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। अब पूरे राज्य की निगाहें विजय सरकार के पहले बड़े फैसलों और उनके मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हुई हैं।

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