CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे मानसून रहेगा बेहद सक्रिय; लो प्रेशर और द्रोणिका के असर से भारी बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट

Weather Desk (Raipur): छत्तीसगढ़ में पिछले एक हफ्ते से मानसूनी गतिविधियों में आई तेजी लगातार बनी हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तो कई इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Raipur) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक वेलमार्क लो प्रेशर एरिया (Well-Marked Low Pressure Area) और एक मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से आगामी 48 घंटों तक प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- 48 घंटे सक्रिय रहेगा मानसून: वेलमार्क लो प्रेशर और द्रोणिका के असर से प्रदेशभर में झमाझम बारिश के आसार।
- येलो और ऑरेंज अलर्ट: आगामी तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी।
- बारिश का कोटा: भारी बारिश के बावजूद प्रदेश में 1 जून से अब तक सामान्य से 4 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा पानी: जिले में सामान्य से 54 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
- तापमान में गिरावट: बारिश और घने बादलों के कारण अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट।
सिस्टम का असर: मौसम वैज्ञानिक ने दी जानकारी
मौसम वैज्ञानिक गायत्रीवाणी कांचीभोटला ने बताया कि वर्तमान में एक वेलमार्क लो प्रेशर एरिया गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके झारखंड और उत्तरी ओडिशा की ओर आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।
इसके साथ ही, एक मजबूत द्रोणिका वेलमार्क लो प्रेशर एरिया से होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर-पश्चिम भारत तक फैली हुई है। 22 डिग्री नॉर्थ में मध्य स्तर पर एक शीयर जोन भी सक्रिय है। इन मानसूनी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूरे प्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिसके चलते बुधवार से उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में मध्यम से लेकर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
प्रदेश में बारिश का हाल: कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसे हालात
मौसम विभाग द्वारा 1 जून से अब तक के दर्ज आंकड़ों के अनुसार, हालिया मूसलाधार बारिश के बाद भी प्रदेश में कुल औसत वर्षा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बनी हुई है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है।
- सामान्य से अधिक बारिश वाले जिले: इस मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा 54 प्रतिशत अधिक बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है। इसके अलावा बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली और नारायणपुर में भी सामान्य से अधिक पानी बरसा है।
- सामान्य बारिश वाले जिले: बालोद, बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और जांजगीर-चांपा जिलों में अब तक सामान्य स्तर की बारिश दर्ज की गई है।
- सामान्य से कम बारिश वाले जिले: बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सरगुजा जिलों में अब भी बादलों की बेरुखी देखने को मिल रही है और यहां सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है।
तापमान में गिरावट से गर्मी और उमस से राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई थी, लेकिन रविवार दोपहर के बाद से शुरू हुई व्यापक मानसूनी गतिविधियों के चलते पारे में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आएगी। आने वाले तीन से चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलती रहेगी।






