GGU Bilaspur का फैसला: मार्कशीट और डिग्री से हटेगा ‘India’ शब्द, अब सिर्फ ‘Bharat’ लिखा जाएगा

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU Bilaspur) ने एक बड़ा निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों, जैसे कि मार्कशीट, डिग्री सर्टिफिकेट और औपचारिक पत्राचार से ‘इंडिया’ (India) शब्द को पूरी तरह से हटाकर उसकी जगह ‘भारत’ (Bharat) शब्द का उपयोग करने का फैसला किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल ने शनिवार को इस बड़े फैसले की सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है।
6 महीने पहले पारित हुआ था यह प्रस्ताव
कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल के अनुसार, यह फैसला रातों-रात नहीं लिया गया है। विश्वविद्यालय की स्टैंडिंग कमेटी (स्थायी समिति) ने करीब छह महीने पहले ही इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर दिया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाने वाले दस्तावेजों में हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं का अलग-अलग संदर्भ होता है, जिसमें हिंदी में ‘भारत’ और अंग्रेजी में ‘India’ लिखा जाता है। लेकिन अब नए नियम के तहत अंग्रेजी में लिखे जाने वाले ‘India’ शब्द को भी पूरी तरह से हटाकर ‘Bharat’ लिखा जाएगा।
पुराने स्टॉक के खत्म होने पर लागू होगा नया नियम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस ऐतिहासिक बदलाव को एकदम से नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- कुलपति ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय के पास मार्कशीट और डिग्री सर्टिफिकेट के लिए पुराना प्रिंटेड स्टेशनरी स्टॉक मौजूद है।
- जब यह पुराना स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, उसके बाद ही नए ‘Bharat’ प्रारूप वाले दस्तावेजों को जारी करना शुरू किया जाएगा।
- इससे विश्वविद्यालय पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा और कागजात का नुकसान भी नहीं होगा।
G-20 शिखर सम्मेलन से मिली बदलाव की प्रेरणा
इस बड़े बदलाव के पीछे के मुख्य कारण को स्पष्ट करते हुए कुलपति चक्रवाल ने वर्ष 2023 में देश में आयोजित हुए जी-20 (G-20) शिखर सम्मेलन का विशेष संदर्भ दिया।
कुलपति ने कहा: “जी-20 बैठकों के दौरान देश की महामहिम राष्ट्रपति ने आधिकारिक रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र पर ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का उपयोग किया था। जब देश का सर्वोच्च संवैधानिक प्राधिकारी खुद इस गौरवशाली परंपरा का पालन कर रहा है, तो हम भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह पूरी तरह से हमारी संस्कृति और सभ्यता के प्रति सम्मान का मामला है।”
‘भारत’ नाम के ऐतिहासिक महत्व पर जोर
कुलपति ने ‘भारत’ शब्द के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही इस पूरे भूभाग को ‘आर्यावर्त’ और ‘जंबू द्वीप’ के रूप में जाना जाता रहा है, जिसका मूल नाम ‘भारत’ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘इंडिया’ नाम विदेशी ताकतों द्वारा केवल अपनी सुविधा के लिए दिया गया था। हमारी संस्कृति ने हमेशा इस देश को भारत के रूप में ही स्वीकारा है।
राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों की क्या है स्थिति?
जहां एक तरफ GGU Bilaspur ने यह बड़ा कदम उठाया है, वहीं राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में फिलहाल ऐसी कोई तैयारी नहीं है। रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और बिलासपुर के ही अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनके संस्थानों में फिलहाल ‘इंडिया बनाम भारत’ को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है, क्योंकि शासन से अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है।






