BCCI Director of Cricket: भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम को एक धागे में पिरोएंगे VVS लक्ष्मण! BCCI देने जा रहा ये नई और बड़ी जिम्मेदारी

BCCI Director of Cricket: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भारतीय क्रिकेट के पूरे इकोसिस्टम को एक साथ जोड़ने और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, BCCI अपने इतिहास में पहली बार ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ (Director of Cricket) का पद बनाने जा रहा है। खबर है कि नेशनल क्रिकेट अकादमी के उन्नत रूप यानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के मौजूदा प्रमुख और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर VVS लक्ष्मण (VVS Laxman) को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट भी 2 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- नया पद: BCCI पहली बार बनाने जा रहा है ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ का पद।
- लक्ष्मण बनेंगे बॉस: VVS लक्ष्मण को मिल सकती है यह जिम्मेदारी, 2 साल बढ़ सकता है कॉन्ट्रैक्ट।
- क्या होगा काम: जूनियर क्रिकेट से लेकर सीनियर टीम तक के बीच तालमेल और विकास की निगरानी।
- गंभीर-अगरकर का रोल: हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के काम में कोई दखल नहीं होगा।
क्या करेगा ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’?
मौजूदा समय में BCCI के अंतर्गत सीनियर भारतीय टीम, चयन समिति (Selection Committee), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और अंडर-19 व जूनियर क्रिकेट सभी अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ का मुख्य काम इन सभी विभागों के बीच एक बेहतर तालमेल (Coordination) स्थापित करना होगा।
VVS लक्ष्मण की नई भूमिका: अगर वीवीएस लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो उनका काम काफी बढ़ जाएगा:
- वह जूनियर क्रिकेट (Junior Cricket) से लेकर सीनियर टीम (Senior Team) तक के खिलाड़ियों के विकास और तालमेल की निगरानी करेंगे।
- टैलेंट की पहचान करने से लेकर उन्हें सीनियर टीम के लिए तैयार करने की पूरी प्रक्रिया उनके जिम्मे होगी।
- खिलाड़ियों के रिहैब (Rehab), चोट प्रबंधन, और स्पोर्ट्स साइंस पर करीब से नजर रखेंगे।
- अलग-अलग स्तर पर कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति (Appointments) की जिम्मेदारी भी लक्ष्मण के पास ही होगी।
- मेन्स (Men’s) और विमेंस (Women’s) दोनों क्रिकेट टीमों की प्रगति पर निगरानी रखेंगे।
गंभीर और अगरकर की भूमिका पर क्या होगा असर?
नई व्यवस्था में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) की भूमिका में कोई बदलाव नहीं होगा। वे अपने-अपने पदों पर पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। 2027 वर्ल्ड कप तक उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। (बता दें कि अगरकर का मौजूदा कार्यकाल इसी साल सितंबर में खत्म हो रहा है, जिसे बढ़ाया जा सकता है)।
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर काम करेगा BCCI
‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’ का मॉडल भारत के लिए नया जरूर है, लेकिन दुनिया की बड़ी क्रिकेट टीमों जैसे इंग्लैंड (ECB) और ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। वहां यह भूमिका रणनीतिक (Strategic) होती है, जहां यह पद टीम की दीर्घकालिक योजनाएं बनाने और प्लेयर्स डेवलपमेंट की निगरानी करता है।
क्या है ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE)?
बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Center of Excellence) पुरानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) का ही नया और आधुनिक रूप है। यह BCCI का नया हाई-परफॉर्मेंस सेंटर है जो करीब 40 एकड़ में फैला है। यहां तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान, आधुनिक इनडोर ट्रेनिंग सेंटर और 45 पिचों वाला आउटडोर नेट एरिया मौजूद है। खिलाड़ियों की कोचिंग, फिटनेस, स्पोर्ट्स साइंस, चोट और रिहैब की सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं अब एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। वीवीएस लक्ष्मण इसी संस्था के प्रमुख हैं।






