TMC Crisis: 20 बागी सांसद करेंगे ‘असली TMC’ का दावा, लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे, ममता ने सायोनी घोष को हटाया

TMC Crisis:पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट का सिलसिला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पार्टी से बगावत करने वाले 20 लोकसभा सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य बागी गुट को ‘असली TMC’ के तौर पर आधिकारिक मान्यता दिलाना है।
दिल्ली कूच और ममता का एक्शन बागी गुट की अहम सदस्य सायोनी घोष और माला रॉय रविवार सुबह कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी हैं। इस बीच, ममता बनर्जी ने बड़ा एक्शन लेते हुए सायोनी घोष को पार्टी की यूथ विंग के अध्यक्ष पद से और माला रॉय को महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। यह फैसला 12 जून को लिया गया था, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। सायोनी की जगह अब अर्णब बनर्जी को यूथ विंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2 तिहाई बहुमत बागी गुट के पास TMC के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिनमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा के 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, विधानसभा में TMC के 80 विधायकों में से 58 अलग गुट बना चुके हैं। दल-बदल कानून (10वीं अनुसूची) के अनुसार, अलग गुट को मान्यता के लिए कम से कम 2/3 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। लोकसभा और विधानसभा दोनों जगह बागी गुट के पास 2 तिहाई से ज्यादा बहुमत है, जो ममता के लिए खतरे की सबसे बड़ी घंटी है।
हार के 14 दिन बाद ही शुरू हुई थी टूट यह बगावत अचानक नहीं हुई है। 4 मई को रिजल्ट आने के महज 14 दिन बाद यानी 18 मई को ही 19 बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लेटर भेज दिया था। इस लिस्ट में यूसुफ पठान, सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय जैसे बड़े नाम शामिल हैं। दूसरी तरफ, सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ ने ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी को लीगल नोटिस भेजकर स्पष्ट किया है कि उन्होंने बारासात सीट से कभी टिकट की मांग नहीं की थी। बंगाल का यह सियासी घटनाक्रम महाराष्ट्र की शिवसेना बगावत की याद दिला रहा है।






